सुरक्षित स्थानों पर छिपने का अभ्यास
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल या वास्तविक आपात स्थिति में सायरन की आवाज सुनते ही नागरिकों को खुले स्थानों से हटकर बेसमेंट या मजबूत इमारतों के भीतर सुरक्षित स्थानों पर चले जाना चाहिए। जब तक दोबारा सायरन बजाकर ग्रीन सिग्नल न दिया जाए, तब तक सुरक्षित स्थान पर ही रहना आवश्यक है।
संवेदनशील इलाकों में की गई बिजली आपूर्ति बंद
ब्लैकआउट के दौरान सायरन बजते ही उन संवेदनशील स्थानों की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई, जिन्हें दुश्मन हवाई जहाज संभावित रूप से निशाना बना सकते हैं। अंधेरा होने से ऐसे स्थानों की पहचान करना कठिन हो जाता है, जिससे जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कई विभागों और संगठनों ने किया सहयोग
इस मॉक ड्रिल में विद्युत विभाग, चिकित्सा विभाग, अग्निशमन विभाग सहित अन्य आपात सेवाओं ने भाग लिया। इसके अलावा एनसीसी, होमगार्ड, भारत स्काउट एवं गाइड सहित विभिन्न विभागों और संगठनों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।