- कागजों में पहुंचा राशन, मौके पर फर्श पर बिखरे मिले अनाज के दाने
- दुकान का मुख्य दरवाजा अंदर से था बंद, पिछले दरवाजे से हुई अनाज की हेराफेरी
जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद सचिव राहत अली व सेल्समैन विकास सक्सेना के विरुद्ध प्राथमिकी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में गरीबों के लिए आए सरकारी राशन की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ है। एक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से 268.77 कुंतल गेहूं और 179.93 कुंतल चावल गायब मिला है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आजाद उपभोक्ता सहकारी समिति के सचिव राहत अली और अधिकृत सेल्समैन (राशन बांटने वाले) विकास सक्सेना के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक (नगर क्षेत्र चतुर्थ) शिवानी चौरसिया ने जिलाधिकारी के आदेश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि विभागीय आदेश के तहत मैसर्स आजाद उपभोक्ता सहकारी समिति (इस्लामाबाद प्रथम) और उससे संबद्ध एक अन्य निरस्त दुकान का पूरा अनाज दूसरी जगह (सराय बहलीम स्थित खुर्शीदा बेगम की दुकान पर) स्थानांतरित किया जाना था। इसके बावजूद समिति के सचिव और सेल्समैन ने जानबूझकर अनाज का हस्तांतरण नहीं किया। 30 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने दुकान पर औचक निरीक्षण किया। जांच टीम के पहुंचने पर सेल्समैन विकास सक्सेना को कई बार फोन किया गया लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया।
सीढ़ियों के रास्ते पहुंची टीम
इसके बाद समिति के सचिव राहत अली को मौके पर बुलाया गया। उनकी उपस्थिति में जब जांच की गई तो दुकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। बगल की सीढ़ियों के रास्ते से जब टीम भीतर पहुंची तो वहां केवल राशन दुकान का बोर्ड रखा था और फर्श पर अनाज के कुछ दाने बिखरे थे। अनाज का पूरा भंडारण खाली था और राशन की जगह वहां अन्य सामान रखा हुआ था।
विभागीय अभिलेखों में आ चुका था राशन
कम्प्यूटरीकृत (ऑनलाइन) अभिलेखों से पता चला कि 15 जुलाई 2026 को ही अगस्त माह के वितरण के लिए अनाज दुकान पर पहुंच चुका था। पिछले महीने के बचे हुए माल और नए आवंटन को मिलाकर दुकान में कुल 268.77 कुंतल गेहूं और 179.93 कुंतल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। लेकिन मौके पर अनाज की एक बोरी भी नहीं मिली। इससे स्पष्ट हो गया कि पूरे अनाज की कालाबाजारी कर दी गई है और कार्डधारकों को उनके अधिकार से वंचित रखा गया है।
इस गंभीर मामले की जांच आख्या 31 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 4 अगस्त 2026 को आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दे दी। इसके बाद लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने आजाद उपभोक्ता सहकारी समिति के सचिव राहत अली और अधिकृत सेल्समैन विकास सक्सेना व अन्य के विरुद्ध आवश्यक वस्तु वितरण आदेश 2016 के उल्लंघन और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द साक्ष्य एकत्रित कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।