नगर निगम की कार्यकारिणी में भाजपा पार्षद अनिल वर्मा शनिवार को निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए। सपा पार्षद चुनाव में लड़ने के लिए नामांकन तक भरने का साहस नहीं जुटा पाए। सपा सहित विपक्षी पार्षदों ने मतदान केंद्र तक आना भी गवारा नहीं समझा। चुनाव मैदान में उतरने का दावा करने वाले भाजपा से बागी पार्षद संजय सैनी को प्रस्तावक और अनुमोदक तक नहीं मिल सके। अबकी बार जीत पाने के लिए निगम की कार्यकारिणी में नारी वंदन का नारा भाजपा की रणनीति में फिट नहीं बैठ पाया। शायद इसलिए महापौर के बाद भाजपा नेताओं ने उपाध्यक्ष भी पिछड़ा वर्ग का ही चुना।
कार्यकारिणी में भाजपा के आठ और विपक्ष के 4 पार्षद सदस्य हैं। भाजपा से सदस्य पद के लिए घोषित उम्मीदवार को मात देकर भाजपा से बागी हुए पार्षद संजय सैनी ने जीत हासिल कर ली थी। इसमें भाजपा के दो पार्षदों द्वारा क्रॉस वोट करना बताया था। कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित कराने के लिए दो दिन से भाजपा के नेता रणनीति बना रहे थे। संजय सैनी ने भाजपा प्रत्याशी के सामने चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और भाजपा के सदस्यों में सेंधमारी करने का प्रयास भी किया। शुक्रवार रात करीब 2 तक भाजपा नेताओं में उपाध्यक्ष पद के लिए किस पार्षद को लड़ाएं, इस पर मंथन चलता रहा। पहले रेशमा सोनकर पर सहमति बनी, क्योंकि पहले नारी वंदन का नारा देकर अनुसूचित जाति से विमला वाल्मीकि उपाध्यक्ष बनी थी।
भाजपा प्रत्याशी के सामने संजय सैनी का दांव हल्का न रहे, इसको लेकर भाजपा नेताओं ने सपा पार्षद भी साध लिए। पार्षद संजय सैनी के अलावा सपा पार्षद कहकशां जिशान, कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला व इकराम सैफी कार्यकारिणी के सदस्य हैं। शनिवार सुबह चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय स्थित अटल सभागार में महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा और जयवीर सिंह सहित अन्य भाजपा नेताओं की बैठक हुई। इसमें वार्ड-62 के पार्षद अनिल वर्मा को उपाध्यक्ष पद पर उम्मीदवार बनाया। चुनाव लड़ना तो दूर की बात सपा पार्षद मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे। पार्षद संजय सैनी को प्रस्तावक और अनुमोदक तक नहीं मिल सके, नतीजा पार्षद अनिल वर्मा को निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया।
रात तक चली बैठक
कार्यकारिणी सदस्य के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी की हार हुई थी। इसको लेकर भाजपा नेताओं की रणनीति पर प्रश्नचिह्न लग रहा था। उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा से बागी हुए पार्षद संजय सैनी भारी न पड़ जाए, इसको लेकर महापौर भी शुक्रवार देर रात तक रणनीति बनाते रहे। बताया गया कि उपाध्यक्ष के लिए पार्षद अनिल वर्मा के नाम पर सपा पार्षदों को भी मना लिया है। भाजपा के पार्षदों को भरोसे में लिया कि कोई पार्टी से अलग नहीं जाएगा। उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा के आठ और विपक्ष के चार पार्षद को ही वोट करना होता है। सिर्फ निर्णायक के तौर पर ही महापौर वोट करते हैं।
जीत का जश्न मनाया
भाजपा पार्षद के निर्विरोध निर्वाचित होने पर भाजपा नेता और पार्षदों ने अटल सभागार में जश्न मनाया। मिठाई खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी। भाजपा के जिन पार्षदों के नाम उपाध्यक्ष की दौड़ में थे, उनके चेहरों पर उदासी दिखाई दी। अनिल वर्मा का नाम घोषित होने पर भाजपा नेता और कार्यकारिणी सदस्यों में चर्चा रही। हालांकि पार्टी के नेताओं के फैसले के खिलाफ कोई नहीं बोला और बधाइयों का सिलसिला चलाते रहे।