बरेली में एंटी रोमियो स्क्वॉयड की लीडर ट्रेनी आईपीएस रवीना त्यागी के फोटो वायरल होने से वह सुर्खियों में आ गई हैं। शोहदों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर व्हाटसएप पर वायरल हो रहे फोटो देखकर ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों को गांव की बेटी पर गर्व है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने एंटी रोमियो सेल बनाया है। एंटी रोमियो ऑपरेशन में बरेली की लीडर ट्रेनी आईपीएस के जज्बे से उनके पैतृक गांव निरमाना एवं क्षेत्र के हर्ष का माहौल है। इन दिनों सोशल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सुर्खियों में रहने वाली ट्रेनी आईपीएस रवीना त्यागी शाहपुर के गांव निरमाना की रहने वाली हैं। प्रदेश सरकार के ऑपरेशन को लीड करते हुए रवीना त्यागी के सुर्खियों में आने पर गांव निरमाना व क्षेत्र के लोग अपनी बेटी पर गर्व महसूस कर रहे हैं। निरमाना निवासी सुखबीर त्यागी, रामपाल सैनी, निरमानी निवासी आनंद त्यागी, सुरेश त्यागी, चांदपुर के पूर्व प्रधान अमित त्यागी का कहना है कि आज बेटी, बेटों से कम नहीं हैं। उन्हें गर्व है कि उनके यहां की बेटी आज कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर समाज की गंदगी को साफ कर रही है। रवीना के पिता सतीश कुमार त्यागी भोपाल में वन विभाग में महानिदेशक है। बाबा मंगत सिंह पुरकाजी के गांव फलौदा के मूल निवासी थे, उनकी ससुराल निरमाना में थी, जो यहीं आकर बस गए थे।
जानिए कैसे आई चर्चा में
ट्रेनी आईपीएस रवीना त्यागी
बरेली में एंटी रोमियो स्क्वायड की इंचार्ज महिला आईपीएस रवीना त्यागी इन छात्राओं से मिलने पहुंची। उन्होंने दिक्कत पूछीं तो एक छात्रा तो अपनी बात बताते- बताते रो पड़ीं। कहा कि शराब की वजह से उनका घर बर्बाद है। पिता और भाई आए दिन पीटते हैं, स्कूल तक नहीं जाने देते। 45 मिनट पावर एंजिल्स के साथ रहीं रवीना त्यागी ने सही गलत की पहचान बताई और आवाज उठाने को कहा। उन्होंने बच्चों से पुलिस के बारे में राय पूछी। बच्चियों ने पहले तो कहा पुलिस वाले सोते नहीं हैं। हमारी रक्षा के लिए डटे रहते हैं और वे भी पुलिस में आना चाहती हैं। रवीना बोलीं, अगर पुलिस की कोई बुराई है तो वह भी बताओ। बच्चियां चुप हो गई। रवीना ने कहा, अच्छा कोई ऐसी चीज बताओ जिसे आप आज से ही रोक देना चाहती हो। तो एक छात्रा ने बताया कि बालिकाओं के एडमिशन स्कूलों में करवा दो। एक बोली कि शराब रुकवा दीजिए। रवीना ने आगे पूछा तो बच्ची रो पड़ी। कहा कि उनके घर के पास बनने वाली कच्ची शराब की वजह से घर में पिता और भाई रोज लड़ते हैं। मारपीट हो जाती है। पड़ोस में झगड़े होते हैं, कभी- कभी तो खून खराबा भी हो जाता है। इतने में अन्य ब्लाक की छात्राएं भी शराब के विरोध में बोल पड़ी और यह एक मुद्दा बन गया। रवीना त्यागी ने रोने वाली एक बच्ची को अपने पास बुलाया और कुर्सी पर बैठा लिया। उन्होंने कहा कि मैं आपके गांव आऊंगी। इतने में बच्चियां बोली कि मैम यूनिफार्म में मत आइएगा। पुलिस वाले शराब बनाने वालों से मिले हुए हैं। खबर मिल जाएगी और वे सामान छिपा देंगे। कुछ बालिकाओं ने कहा कि गाड़ी से मत आना, पैदल आना। इसके बाद फिर बच्चियां रवीना मैडम से इतना घुलमिल गई कि उन्होंने अपने गांव में शोहदों के ठिकाने तक गिना दिए। रवीना ने सबकी समस्या नोट की और शोहदों के ठिकानों पर छापा मारने का आश्वासन दिया।