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Yogi Cabinet Expansion: भाजपा ने पश्चिम से खेला जाट और गुर्जर कार्ड, इनका बढ़ा कद; इस समाज को फिर मिली निराशा

Mon, 11 May 2026 09:01 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

योगी मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने पश्चिम से जाट और गुर्जर कार्ड खेला है। गुर्जर नेता सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर कद बढ़ाया है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का नया जिम्मा दिया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को फिर से योगी कैबिनेट में शामिल कर जाटों को संदेश दिया है।
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यूपी कैबिनेट विस्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आगामी 2027 के विधान सभा चुनाव से पहले योगी मंत्रिमंडल के विस्तार में पश्चिमी यूपी से दो नेताओं को तरजीह देकर भाजपा ने जाट और गुर्जर समाज को साधने की कोशिश की है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को फिर से कैबिनेट मंत्री बनाकर जाट समाज को बड़ा संदेश दिया है, जबकि ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर को पदोन्नति देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाकर गुर्जर समाज को साधा है। 
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सपा की गुर्जर राजनीति पर भाजपा के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। छात्र राजनीति से निकल कर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनने वाले सोमेंद्र मेरठ के पहले नेता हैं।

चुनाव में कम समय होने के कारण बदली रणनीति
विधानसभा चुनाव में समय कम रहने के कारण भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। पहले विवादित व खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को हटाकर संगठन में भेजने और नए मंत्री शामिल करने की बात थी। लेकिन, अब खाली पदों को भरकर व दो मंत्रियों को पदोन्नति देकर ही काम चलाना पड़ा। इसी कारण डॉ. सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के पद पर पदोन्नति मिल गई।

जातीय समीकरण साधना हो रहा था मुश्किल
यूपी मिशन 2027 में जुटी भाजपा के लिए पश्चिमी यूपी एक बड़ी चुनौती बन रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सपा के पीडीए के कारण भाजपा को कई सीटों पर हार झेलनी पड़ी। सपा ने गुर्जर अस्मिता का मामला उठाकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। इसके बाद से ही भाजपा के सामने जातीय समीकरणों को साधना मुश्किल हो रहा था।

ऐसे में भाजपा ने पश्चिमी यूपी से ओबीसी श्रेणी की दो प्रमुख जातियों जाट व गुर्जर को साधा है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से निकले डॉ. सोमेंद्र तोमर का कद बढ़ाया है। उनकी गिनती गुर्जर समाज के प्रभावशाली चेहरों में होती है।

एबीवीपी से शुरू किया छात्र राजनीति का सफर
डॉ. सोमेंद्र तोमर का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ था। पहले वे एबीवीपी के विश्वविद्यालय मंत्री बने और इसके बाद 2003 में एबीवीपी पैनल से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष का चुनाव जीते। विश्वविद्यालय परिसर से एमएससी भौतिकी, एमफिल और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की।

उन्हें 2012 में भाजपा ने मेरठ दक्षिण से प्रत्याशी घोषित किया था, बाद में टिकट रोका दिया गया। इसके बाद मेरठ दक्षिण सीट से 2017 और 2022 में लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। योगी मंत्रिमंडल में डॉ. सोमेंद्र तोमर को ऊर्जा राज्य मंत्री बनाया गया। पश्चिमी यूपी के जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए अब उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पदोन्नति दी गई है।

भूपेंद्र के कंधों पर बड़ा दारोमदार
मुरादाबाद निवासी भूपेंद्र चौधरी पहले भी योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इससे पहले वे पश्चिम क्षेत्र के मंत्री और अध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मंत्री पद से त्यागपत्र दिया था।

प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद से ही उनका कैबिनेट मंत्री बनना तय था। अब कैबिनेट मंत्री बनने के बाद उन्हें बड़ा मंत्रालय मिलने की संभावना है। इसी तरह से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में डॉ. सोमेंद्र तोमर को भी अच्छा मंत्रालय मिलेगा और वे सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगे। मेरठ और पश्चिमी यूपी के लिए यह सुखद है।
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त्यागी समाज को फिर मिली निराशा
इस मंत्रिमंडल विस्तार में पश्चिमी यूपी से जाट, गुर्जर और त्यागी समाज के नेताओं को दावेदार माना जा रहा था। भाजपा ने जाट और गुर्जर समीकरण तो साध लिए, लेकिन कैडर वोट बैंक माने जाने वाले त्यागी समाज के नेताओं को निराशा हुई है। त्यागी समाज से मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी और एमएलसी अश्विनी त्यागी भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे थे।
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