दंगे के मामले में कोर्ट में पेश हुए भाजपा विधायक विक्रम सैनी
मुजफ्फरनगर। छह साल पूर्व गांव कवाल में ममेरे भाइयों सचिन-गौरव की हत्या के बाद हुई आगजनी, तोड़फोड़ की घटना में नामजद खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी शुक्रवार को इस मामले में अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 6 फरवरी की तारीख लगाई है। इस दौरान विधायक ने कहा कि सपा सरकार ने उन पर यह झूठा मामला दर्ज कराया था, जबकि वो घटना के समय कवाल गांव में मौजूद भी नहीं थे।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को बहुचर्चित कवाल कांड हुआ था। गांव मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव के अलावा कवाल गांव के शाहनवाज की भी हत्या हुई थी। घटना के अगले रोज 28 अगस्त को सचिन-गौरव के अंतिम संस्कार से होकर मलिकपुरा से लौट रही भीड़ ने कवाल गांव में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। जानसठ पुलिस ने कवाल निवासी विक्रम सैनी सहित करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ आगजनी, तोड़फोड़ आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मुकदमे के आधार पर विक्रम सैनी को रासुका में निरुद्ध किया गया था। आरएसएस नेताओं के प्रयास से 18 माह बाद वो जेल से बाहर आए। इसके बाद भाजपा से टिकट मिलने पर 2017 में वो खतौली से विधायक चुने गए। तभी से यह मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। अब इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या 4) की अदालत में हो रही है। शुक्रवार को तारीख पर विधायक विक्रम सैनी अन्य आरोपियों के साथ कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने सुनवाई स्थगित करते हुए आगामी 6 फरवरी की तारीख लगाई है।