बिजनौर में भाजपा विधायक कमलेश सैनी की हमशक्ल महिला की आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। चांदपुर से भाजपा विधायक के एसपी दफ्तर पर धरने पर बैठने से शासन से लेकर भाजपा आलाकमान तक में खलबली मची हुई है। मंगलवार को धरना देने का मामला लखनऊ के बाद दिल्ली पार्टी आलाकमान तक पहुंच गया है। अब भाजपा हाईकमान यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि विधायक को धरने पर बैठना पड़ा। शासन ने अफसरों से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले में बड़े अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।
एक महिला की आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद जिले की भाजपा में भूचाल आ गया। भाजपा विधायक कमलेश सैनी की हमशक्ल महिला की वीडियो को लेकर विधायक अपने समर्थकों के साथ मंगलवार को एसपी ऑफिस पर धरने पर बैठ गईं थीं। भाजपा के तमाम बड़े नेता पहले धरने पर न जाकर डाक बंगले पर बैठे रहे। करीब दो घंटे बाद ये नेता अफसरों से बात करने के बाद धरने पर गए। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस के एक बड़े अधिकारी को वह तीन दिन से कॉल कर रहीं थीं, पर उनकी कॉल रिसीव नहीं की गई। यह मामला लखनऊ तक गूंज गया। प्रमुख सचिव व डीजीपी से जिले के आला अधिकारियों की शिकायत की गई। भाजपा के संगठन मंत्री सुनील बंसल व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय लखनऊ में बैठकर खुद पूरे मामले की कमान संभाले रहे। जिले के नेताओं से एक एक पल की रिपोर्ट लेते रहे। चांदपुर के कोतवाल कुलदीप सिंह को लाइन हाजिर करने व सीओ चांदपुर पर मेहरबानी दिखाने पर भाजपा के नेता सख्त नाराज रहे। लखनऊ से बिजनौर तक नेताओं के फोन घनघनाते रहे।