दावेदारों की लंबी फेहरिस्त
वर्तमान कैंट विधायक अमित अग्रवाल की प्रबल दावेदारी है। आईआईएमटी के प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, पूर्व क्षेत्रीय महामंत्री जयकरण गुप्ता, युवा नेता नीरज मित्तल ने भी दावेदारी की है। इसी तरह संजीव जैन सिक्का, पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष सुनील वाधवा, पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा के अलावा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा भी टिकट की दौड़ में है।
सांसद अरुण गोविल के कैंट सीट के प्रतिनिधि दीपक गुप्ता, युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री वरुण गोयल, राजीव दीवान, राजेश दीवान, कवयित्री कोमल रस्तोगी, अजय गुप्ता नटराज, विजेंद्र अग्रवाल, हर्ष गोयल, क्षेत्रीय महामंत्री डॉ. विकास अग्रवाल, राकेश माहेश्वरी भी टिकट की लाइन में लगे हैं।
एसआईआर में कटे वोट बन सकते हैं चुनौती
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मेरठ कैंट सीट पर 1.49 लाख वोट कटने से भाजपा नेताओं की परेशानी बढ़ी है। इनमें से अधिकांश मतदाताओं के वोट स्थानांतरित श्रेणी में कटे हैं। यहां पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का अंतर लगभग एक लाख वोटों तक होता है। ऐसे में नए वोट बनाने के अभियान में भाजपा नेताओं पूरी ताकत से जुटे हैं, ताकि एसआईआर में कटे वोटों की भरपाई की जा सके। दूसरे शहरों से स्थानांतरित होकर मेरठ कैंट क्षेत्र में आए लोगों के वोट भी बनवाए गए हैं।