डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि जिस प्रकार का एग्रीमेंट कर्नाटक के बीदर एयरपोर्ट और जीएमआर हैदराबाद एयरपोर्ट के बीच हो रहा है, उसी तरह का एग्रीमेंट मेरठ एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच होना चाहिए।
डॉ. वाजपेयी ने सुरेश प्रभु को बताया कि जीएमआर की शर्तों के अनुसार 150 किमी हवाई दूरी के अंदर नया एयरपोर्ट नहीं बन सकता है, जबकि जेवर हवाई अड्डे की दूरी मात्र 63 किमी है। ऐसे में यह नियम अब लागू नहीं होता है।
मेरठ में हवाई अड्डा निर्माण के लिए कर्नाटक के बीदर एयरपोर्ट एग्रीमेंट की कॉपी केंद्रीय मंत्री को देते हुए उन्होंने बताया कि इस एग्रीमेंट की कॉपी और जीएमआर का पत्र यूपी सरकार को पहुंच चुका है। उस पर उड्डयन निदेशालय से शासन द्वारा टिप्पणी मांगी गयी है। इस पर वाजपेयी को जानकारी दी थी कि इस मामले में मंगलवार तक रिपोर्ट शासन को पहुंच जाएगी। उसके बाद शासन बीदर एग्रीमेंट में मेरठ की परिस्थिति के अनुसार आवश्यक संशोधन करके विधायी एवं विधि विभाग से उसके ड्राफ्ट की स्वीकृति लेगा। बाद में वित्त विभाग की सहमति और मंत्री परिषद की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी शेष है।
चला सकते हैं 18 सीटर विमान
डॉ. वाजपेयी ने सुरेश प्रभु से कहा कि मेरठ हवाई पट्टी वर्तमान में छोटे विमान के लिए तैयार है। विशेष परिस्थितियों को देखते हुए मेरठ से 18 सीटर विमान प्रयागराज कुंभ हेतु हवाई उड़ान सेवा शुरू कर दी जाए। इसके बाद प्रक्रिया पूर्ण कर एटीआर 72 सीटर विमान से लखनऊ, इलाहाबाद सेवा शुरू की जा सकती है।
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