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भाजपा नेता पर पत्नी की हत्या का केस दर्ज, जानें पूरा मामला

Sun, 19 Feb 2017 05:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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अस्पताल के बाहर एकत्र हुए लोग
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शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में शुक्रवार रात गोली लगने से घायल भाजपा नेता कुलदीप तोमर की पत्नी ने शनिवार दोपहर इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला के भाई ने जीजा समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों को हत्या के केस में नामजद करते हुए मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने भाजपा नेता की तलाश में दबिश दी। लेकिन वह फरार हो गया। 
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मुंडाली थानाक्षेत्र अंतर्गत नंगलामल निवासी भाजपा नेता कुलदीप तोमर अपनी पत्नी पूनम तोमर (32) और छह साल की बेटी के साथ शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में रहता था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार आधी रात कुलदीप अपने घर पहुंचा था। रोजाना सुबह को बच्ची को स्कूल छोड़ने की बात पर दंपति में विवाद हुआ था। जिस पर कुलदीप ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारने की बात कही थी। जिस पर पूनम अपने पति को रोकने लगी। तभी गोली चली जो पूनम की गर्दन के पार निकल गई। कुलदीप ने पत्नी को आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार दोपहर पूनम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर सहारनपुर के बिलालसी के खेड़ी गांव निवासी पूनम के मायके वाले भी अस्पताल पहुंच गए। पूनम के भाई अमित ठाकुर ने कुलदीप, उसके भांजे अमित चौहान उर्फ मोंटू, बहन अंजू, मां सुरता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
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शोषण के भी लगाए आरोप

यूपी पुलिस
पूनम के भाइयों ने पोस्टमार्टम हाउस पर कुलदीप पर आरोप लगाए कि वह उनकी बहन का बहुत शोषण करता था। छोटी-छोटी बातों पर पूनम को डांटने के अलावा टशन दिखाता था। इसको लेकर दोनों परिवारों के लोगों में कई बार मीटिंग भी हुई। लेकिन पूनम हर बार अपने परिवार का मामला बताकर सभी को शांत करा देती थी। आरोप लगाया कि कुलदीप ने उनकी बहन को जानबूझकर मारा है।  

मां का साया उठा, पिता जाएगा जेल
मायके वालों ने कहा कि कुलदीप के गुस्से ने उसका परिवार बर्बाद कर दिया। छह साल की बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। पत्नी की हत्या में पिता कुलदीप को भी जेल जाना होगा। कहा कि कुलदीप थोड़ा बर्दाश्त कर लेता तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। अपने बर्ताव पर खुद कुलदीप को पछतावा है। चुनाव आचार संहिता लगने पर वह अपनी लाइसेंसी पिस्टल जमा कर देता तो शायद यह नौबत नहीं आती।

शव सहारनपुर ले गए
पूनम के शव के अंतिम संस्कार को लेकर दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। मायके वालों का कहना था कि वह शव को सहारनपुर ले जाएंगे। उनकी बेटी के शव को हत्यारोपियों के घर पर क्यों जाने देंगे। हालांकि कुलदीप के परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पर शव लेने के लिए खड़े थे। दोनों परिवारों में विवाद होने के अंदेशे को देखते हुए पोस्टमार्टम स्थल पर पुलिस लगा दी गई। एसओ मेडिकल धर्मेंद्र कुमार ने रात को बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों परिवार के लोगों से बात की गई। बाद में पूनम के शव को उसके भाईयों का सौंप दिया गया। वे शव सहारनपुर ले गए।
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