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हाइवे गैंगरेप मामले में नया मोड़, किया जा सकता है इस संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द

Sun, 19 Feb 2017 05:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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हाइवे गैंगरेप मामला
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हाइवे पर चलती कार में फर्जी गैंगरेप की पटकथा महिला के पति ने रची थी। इसका खुलासा खुद पीड़िता ने ही किया है। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ चुका है। बता दें क‌ि रविवार को महिला के पति पर जानलेवा हमला हुआ। तेज़ाब डालने की धमकी और गैंगरेप के बयान के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडेय पर भी 120बी का मुकदमा दर्ज किया गया।
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एसएसपी के आदेश पर करवाई की गई और इसके बाद लालकुर्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। एसएसपी ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संस्था का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।

गौरतलब है क‌ि विकलांग पति ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर जबरन हाईवे पर ले गया था। फर्जी गैंगरेप की स्क्रिप्ट बनाकर उसे पुलिस के पास भेजा था। उसका मकसद गैंगरेप में ‘रईसजादों’ का नाम लिखवाकर पैसा कमाना था। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कराने के बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया था। उस पर केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। पल्लवपुरम इलाके की एक महिला बृहस्पतिवार सुबह बदहवास हालत में कंकरखेड़ा बाईपास पर पुलिस को मिली थी। महिला भीख मांगकर विकलांग पति और अपने बच्चों का पेट पाल रही थी। महिला ने आरोप लगाया था कि बेगमपुल से उसको कार सवार चार युवकों ने अगवा कर परतापुर-कंकरखेड़ा हाईवे पर ले जाकर रात भर दुष्कर्म किया।   
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बयानों में पलटा मामला
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार शनिवार को पीड़िता के महिला थाने में धारा 161 और न्यायालय में धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। जिसमें महिला ने खुलासा किया कि उसके साथ कोई गैंगरेप की घटना नहीं हुई। उसके विकलांग पति ने पैसे के लालच में इस फर्जी गैंगरेप की पटकथा तैयार की है। बयान कराते ही महिला पुलिस की मौजूदगी में पीड़िता को उसके घर पर छोड़ा गया। एहतियात के तौर पर दो महिला कांस्टेबलों को पीड़िता की सुरक्षा में लगाया गया है। 
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ऐसे खुला सारा मामला

यूपी पुलिस
दो दिन से महिला लगातार गैंगरेप की दास्तां सुना रही थी। शनिवार को अचानक ऐसा क्या हुआ, जो महिला पलट गई। ऐसे तमाम सवाल लोगों के जेहन में हैं। पुलिस बार-बार महिला से सवाल करती रही कि आखिर इतना बड़ा मामला हुआ तो किसी को क्यों पता नहीं चला। मेडिकल रिपोर्ट भी कुछ नहीं बता रही। शुक्रवार की रात को दो महिला कांस्टेबल बार-बार पीड़िता से सवाल करती रहीं। जिसमें बाद महिला ने सारी कहानी कांस्टेबलों को सुना दी। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने उसके बयान दर्ज कराए। 

पहले पीटा फिर हाईवे पर ले गया 
पीड़िता ने बताया है कि उसका पति बार-बार फर्जी गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराने की बात कहता था। 15 फरवरी को वह पत्नी को रात में 8:30 बजे हाईवे पर ले गया और उसकी पिटाई की। दंपति रात भर हाईवे पर इधर-उधर घूमता रहा। सुबह यूपी 100 की गाड़ी महिला को मिली तो उसने गैंगरेप की बात कही। 

यूपी 100 को करना चाहती थी कॉल 
पीड़िता ने बताया है कि मामले की शिकायत करने के लिए उसने यूपी 100 को कॉल की थी। लेेकिन उसके पति ने मोबाइल फोन छीन लिया और गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। करीब दो घंटे तक दंपति में बहस हुई। जिसके बाद महिला सहमत हुई। महिला ने बताया कि अगर पति की बात नहीं मानती तो उसकी हत्या भी हो सकती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति उसकी 14 साल की बेटी को भी गलीज धंधे में उतरना चाहता था। विरोध करने पर मारपीट भी की गई। उसका प्लान था कि पहले रईसजादों को फर्जी गैंगरेप में फंसायेंगे और फिर प्रदेश सरकार से आर्थिक मदद लेंगे।
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