हाइवे पर चलती कार में फर्जी गैंगरेप की पटकथा महिला के पति ने रची थी। इसका खुलासा खुद पीड़िता ने ही किया है। अब इस मामले में एक नया मोड़ आ चुका है। बता दें कि रविवार को महिला के पति पर जानलेवा हमला हुआ। तेज़ाब डालने की धमकी और गैंगरेप के बयान के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडेय पर भी 120बी का मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी के आदेश पर करवाई की गई और इसके बाद लालकुर्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। एसएसपी ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संस्था का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।
गौरतलब है कि विकलांग पति ने पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर जबरन हाईवे पर ले गया था। फर्जी गैंगरेप की स्क्रिप्ट बनाकर उसे पुलिस के पास भेजा था। उसका मकसद गैंगरेप में ‘रईसजादों’ का नाम लिखवाकर पैसा कमाना था। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कराने के बाद आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया था। उस पर केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। पल्लवपुरम इलाके की एक महिला बृहस्पतिवार सुबह बदहवास हालत में कंकरखेड़ा बाईपास पर पुलिस को मिली थी। महिला भीख मांगकर विकलांग पति और अपने बच्चों का पेट पाल रही थी। महिला ने आरोप लगाया था कि बेगमपुल से उसको कार सवार चार युवकों ने अगवा कर परतापुर-कंकरखेड़ा हाईवे पर ले जाकर रात भर दुष्कर्म किया।
बयानों में पलटा मामला
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार शनिवार को पीड़िता के महिला थाने में धारा 161 और न्यायालय में धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। जिसमें महिला ने खुलासा किया कि उसके साथ कोई गैंगरेप की घटना नहीं हुई। उसके विकलांग पति ने पैसे के लालच में इस फर्जी गैंगरेप की पटकथा तैयार की है। बयान कराते ही महिला पुलिस की मौजूदगी में पीड़िता को उसके घर पर छोड़ा गया। एहतियात के तौर पर दो महिला कांस्टेबलों को पीड़िता की सुरक्षा में लगाया गया है।