इसके बाद 17 मार्च 2026 को महानगर की कार्यकारिणी घोषित की गई लेकिन जिला इकाई की कार्यकारिणी घोषित नहीं हो पाई है। इसमें सबसे अधिक खींचतान तीन महामंत्री के पदों को लेकर चल रही है। जातीय समीकरणों को भी कसौटी पर परखा जा रहा है। जिन जातियों के नेता जिलाध्यक्ष बनने में नाकाम रहे, उन नेताओं को उपाध्यक्ष या महामंत्री पदों पर समायोजित किया जाना है। 2027 के चुनाव निकट देखकर शीघ्र ही गठन पूरा होने के आसार हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी में जगह पाएंगे मेरठ के नेता
प्रदेश कार्यकारिणी में कई नेता शामिल हो सकते हैं। सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी उपाध्यक्ष के बाद प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व निभा चुके हैं। एमएलसी अश्विनी त्यागी लंबे समय तक प्रदेश मंत्री, उपाध्यक्ष और महामंत्री रह चुके हैं। इस समय पूर्व सांसद कांता कर्दम प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
देवेंद्र सिंह भी प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल रहे हैं। अवनीश त्यागी इस समय प्रदेश प्रवक्ता के दायित्व पर हैं। इसी तरह पश्चिम क्षेत्र से अन्य जिलों से भी कई नेता प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल हैं। नई कार्यकारिणी में भी पुराने नेताओं के साथ नए कार्यकर्ताओं को भी स्थान मिल सकता है।
मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं वेस्ट यूपी के चेहरे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेता मंत्रिमंडल में शामिल होने के दावेदार हैं। इसमें जाट समाज से मुरादाबाद निवासी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय जाना जा रहा है। अभी तक उपेक्षित चल रहे त्यागी समाज से भी एक चेहरा शामिल हो सकता है। इसमें मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी और एमएलसी अश्विनी त्यागी दावेदार हैं। गुर्जर समाज से एमएलसी अशोक कटारिया, दादरी विधायक तेजपाल सिंह, एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी मंत्री बनने के दावेदारों में शामिल है।