अब तक जो टिकट भाजपा ने घोषित किए हैं उनमें मुजफ्फरनगर से जाट, कैराना और अमरोहा से गुर्जर और गौतमबुद्धनगर से पंडित को टिकट देकर भाजपा ने तीनों बिरादियों को प्रतिनिधित्व दिया है। दलित और पिछड़ा वर्ग का कोटा भी पूरा हो गया है। गाजियाबाद में अब तक ठाकुर बिरादरी से जनरल वीके सिंह सांसद थे, मेरठ में वैश्य बिरादरी से राजेंद्र अग्रवाल प्रतिनिधित्व कर रहे थे। अगर गाजियाबाद और मेरठ में दोनों सांसदों का टिकट बदलता है तो भाजपा इन दोनों बिरादरी का प्रतिनिधित्व बरकरार रखेगी।
अगर मेरठ में राजेंद्र अग्रवाल का टिकट कटता है तो यहां पर वैश्य को ही टिकट मिलने की उम्मीद है। मेरठ की बात करें तो वैश्य बिरादरी से कैंट विधायक अमित अग्रवाल, संजीव गोयल सिक्का, व्यापारी नेता विनीत अग्रवाल शारदा, हापुड़ से विकास अग्रवाल, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज दावेदारी में हैं।
अगर भाजपा गाजियाबाद में वैश्य बिरादरी का उम्मीदवार उतारती है तो मेरठ में समीकरण बदल सकते हैं। यह भी हो सकता है कि मेरठ में भी कोई बड़ा चेहरा उतार दिया जाए। रविवार को रामायण सीरियल से प्रसिद्धि पाने वाले अरुण गोविल का नाम भी चर्चा में रहा। वह मेरठ के ही रहने वाले हैं।