बाद में तेज लहर और बारिश के बीच कश्ती में पूरा परिवार जैसे-तैसे द्वारिका पहुंचा। द्वारिका जी से लौटते हुए सोमनाथ पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य विभागों की टीम टीन शेड और अस्थाई निर्माणों को हटा रही थी।
उन्होंने बताया कि उनके अलावा रंजना, योगिता, चिराग, आस्था, नंदनी, अनन्या अग्रवाल आदि का दमनद्वीव और गिर फोरेस्ट जाने का प्लान था। इसे रद्द करना पड़ा। तूफान के कारण परिवार एक रिजॉर्ट में रुका। 15 जून को राजकोट से वापसी की फ्लाइट थी। राजकोट पहुंचे तो हवाई सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। रेल मार्ग भी बाधित हो गया। मोबाइल नेटवर्क तक ने काम नहीं किया।
दोनों परिवार किसी तरह कार बुक कर अहमदाबाद के लिए रवाना हुए। यहां भी एयरपोर्ट बंद होने से पहले अंतिम फ्लाइट उन्हीं की रही। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे रास्ते सीट बेल्ट बांधने सहित अन्य हिदायतें लगातार दी जाती रहीं। मुश्किल सफर के बाद यहां सुरक्षित पहुंचे तो राहत की सांस ली।