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बायो सेंसर से हो सकती है कोरोना संक्रमितों की पहचान

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बायो सेंसर से हो सकती है कोरोना संक्रमितों की पहचान
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मेरठ। ग्रैफीन का प्रयोग ऊर्जा सेंसर, ट्रॉन्जिस्टर एवं गैस सेंसर आदि में किया जाता है। वे वर्तमान में इस तकनीकी का प्रयोग तेल उत्पादन प्रक्रिया में कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त थर्मो इलेक्ट्रिक पदार्थों का प्रयोग बॉयो सेंसर के निर्माण के लिए किया जा रहा है। बॉयो सेंसर का प्रयोग कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की पहचान करने में भी किया जा सकता है। ये बातें शनिवार का डीएन कॉलेज द्वारा आयोजित दो दिवसीय वेबिनार में भौतिकी के रिसोर्स पर्सन खलीफा विवि संयुक्त अरब अमीरात में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नृपेंद्र सिंह ने कहीं।
उन्होंने बताया कि त्रिस्तरीय को जब द्विस्तरीय पदार्थ में परिवर्तित किया है तब इसके मूल गुणों में स्वत: ही परिवर्तन हो जाता है। उन्होंने ग्रैफीन का उदाहरण देते हुए बताया कि ग्रैफीन की एकल सतह कैसे उत्पन्न की जा सकती है। इस क्षेत्र में कार्य के लिए 2010 में शोधकर्त्ताओं को नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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दो दिवसीय कांफ्रेंस रीसेंट ट्रेंड्स ऑफ एडवांसमेंट इन मैथमैटिकल एंड फिजिकल साइंसेज के दूसरे दिन पैट्रन डॉ. बीएस यादव ने देश-विदेश के वैज्ञानिक एवं प्रोफेसरों से आह्वान किया कि संपूर्ण विश्व कोविड-19 की मार झेल रहा है। ऐसे में उनका नैतिक कर्तव्य है कोरोना वायरस की वैक्सीन की शीघ्रता से खोज करें। आज सारा विश्व फिजिकल साइंस एवं बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों की तरफ देख रहा है। गणित के रिसोर्स पर्सन दिल्ली विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार ने गणित विषय में ली ग्रुप एनलिसिस के बारे में विस्तार से समझाया। नॉर्वे के गणितज्ञ ली द्वारा निष्पादित ली ग्रुप एनालिसिस की सहायता से सामान्य अवकल समीकरणों का हल ढूंढा जा सकता है। रसायन विज्ञान के रिसोर्स पर्सन डॉ. नेम सिंह (पीएचडी आईआईटी दिल्ली एवं रिसर्चर कोरिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, केआरआईसीटी) साउथ कोरिया ने कर्क रोग (कैंसर) के उपचार के लिए एक नई तकनीक के बारे में बताया।
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पीएम फंड के लिए जुटाए 52 हजार
निशुल्क हुई वेबिनार के माध्यम से कॉलेज ने अनूठी पहल की। प्रेस प्रवक्ता डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि कांफ्रेंस निशुल्क थी, लेकिन कोविड-19 के समय प्रतिभागियों से पीएम फंड में सौ रुपये भेजने की अपील की गई थी। जिसका असर ये दिखा कि दो दिन की इस वेबिनार से 52 हजार रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में एकत्र हो गए। मुख्य व्याख्यान के बाद टेक्निकल सेशन आरंभ हुआ जिसके चेयर पर्सन भौतिकी में. डॉ ऋतु सरन, रसायन में डॉ. रेणु सारस्वत एवं गणित में डॉ. वीके अग्रवाल रहे। सेशन का संचालन डॉ. जयंत तेवतिया एवं डॉ पृथ्वीराज चौहान ने किया। कांफ्रेंस के सफल संचालन डॉ विश्रुत चौधरी एवं डॉ. एमके यादव ने किया। कांफ्रेंस के संयोजक डॉ. एसके अग्रवाल ने सभी का आभार प्रकट किया। कोऑर्डिनेटर डॉ. सुधीर कुमार ने ऑनलाइन कांफ्रेंस के सभी रिसोर्स पर्सन प्रतिभागियों टेक्निकल सेशन के इंचार्ज का स्वागत किया।
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