छावनी क्षेत्र के बंगला नंबर 210बी के मामले में हाईकोर्ट ने बिल्डर आनंद प्रकाश अग्रवाल के दो घरों की कुर्की का आदेश दिया है। छह महीने की सजा सुनाने के बाद लगातार फरार चल रहे बिल्डर की कुर्की का आदेश शुक्रवार को सुनाया गया। कैंट बोर्ड ने कोर्ट को बिल्डर के दो घर होने की जानकारी दी थी।
बंगला नंबर 210 बी का मामला
कैंट एरिया में बंगला नंबर 210बी करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैला है। दस्तावेजों में यह डिफेंस लैंड है। इसकी कीमत करीब 278 करोड़ रुपये आंकी गई है। वर्तमान में इस जमीन पर आनंद प्रकाश अग्रवाल के मकान समेत 92 मकान बने हुए हैं। आनंद प्रकाश अग्रवाल ने इस जमीन पर प्लॉट काटे और अवैध रूप से मॉल का निर्माण किया। केस में हाईकोर्ट ने 2014 में फैसला सुनाया था। अवैध निर्माण को गिराने और बिल्डर को छह महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। इस एरिया में रह रहे करीब 15 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका यह कहते हुए दायर की थी कि उनका पक्ष नहीं सुना गया। कोर्ट ने उनका पक्ष सुनते हुए एक मार्च 2016 को सभी याचिका खारिज कर दी थी। अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया था। तब से आनंद प्रकाश फरार चल रहा है। कैंट बोर्ड की टीम ने हाईकोर्ट के आदेश के पालन में नौ अगस्त 2016 को बंगले के अवैध निर्माण को गिराया था।
अब आया कुर्की का आदेश
हाईकोर्ट ने पिछले दिनों आनंद प्रकाश अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए मेरठ सीजेएम कोर्ट को निर्देश दिया था। सीजेएम कोर्ट से मामला फिर हाईकोर्ट पहुंचा। कैंट बोर्ड ने आनंद प्रकाश के दो आवास बंगला नंबर 210बी में और एक थापरनगर का पता कोर्ट को दिया। यह वो पता हैं, जिनसे आनंद प्रकाश ने कैंट बोर्ड के साथ पत्राचार किया। कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव के मुताबिक शुक्रवार को हाईकोर्ट ने आनंद प्रकाश के दोनों मकान की कुर्की का आदेश सुनाया है।
लोगों के लिए परेशानी खड़ी हुई
बंगला नंबर 210 बी में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। कैंट बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक उनके मकान का नक्शा पास नहीं है। वह डिफेंस लैंड है। हाल में अवैध निर्माण के खिलाफ होने वाली कार्रवाई टल जरूर गई, लेकिन शुरुआत बंगला नंबर 210 बी से होनी थी। कैंट बोर्ड का कहना है वह अब बिजली कनेक्शन काटने के लिए विद्युत विभाग को लिखेंगे।