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बिजनौर: 16 दिन से चल रहे धरने में पहुंचे वीएम सिंह, कहा-विलंब भुगतान पर ब्याज किसानों का हक

Tue, 17 Sep 2019 05:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धरने में शामिल किसान - फोटो : अमर उजाला
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विलंब गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग के लिए किसानों का कलक्ट्रेट में धरना 16वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल किसानों ने ब्याज के लिए आरपार की लड़ाई का एलान किया है। रविवार से किसान अनुज कुमार, धनवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, तुलाराम सिंह, गणेश सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर किसान नेता सरदार वीएम सिंह किसानों के मिलने पहुंचे। 

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सरदार वीएम सिंहा ने कह कि विलंब गन्ना भुगतान पर ब्याज किसानों का हक है। लेकिन यह विडंबना है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर किसान कलक्ट्रेट पर धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा क देश के प्रधानमंत्री पूंजिपतियों की बात करते हैं किसानों की नहीं। किसान का बेटा खेत में काम कर पेट भी पालता है और सेना में भर्ती होकर सीमा की रखवाली करता है और बॉर्डर पर शहीद भी होता है। 

सेना के जवान का सम्मान तो होता है लेकिन खेत में काम करने वाले बेटे का सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि चौदह दिन तक गन्ना भुगतान न होने पर ब्याज का प्रावधान है लेकिन यहां किसानों को धरना देते हुए आज सोलह दिन का समय हो गया है। किसानों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होती है। 

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धरने में शामिल वक्ताओं ने कहा कि लगातार 16 दिन से किसान कलक्ट्रेट में खुले आसमान के नीचे बैठे हुए हैं। लेकिन शासन, प्रशासन के पास वार्ता में आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं होता है। इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है। कहा कि बिजली के बकाया के लिए कनेक्शन काटे जा रहे हैं, एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। बिजली की दर बढ़ाने के बाद भी किसानों को तीन से चार घंटे से ज्यादा बिजली नहीं दी जा रही है। 

मंडावर में 26वें दिन भी जारी रहा किसानों का जल आंदोलन
उधर मंडावर क्षेत्र में गंगा पर तटबंध और पुल निर्माण की मांग को लेकर गंगा तट पर किसानों का जल आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने शासन, प्रशासन से गंगा पर तटबंध और पुल का निर्माण जल्दी शुरू कराने की मांग की।

डैबलगढ़ में चल रहे आंदोलन में किसानों ने अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ गंगा की धारा में खड़े होकर धरना दिया। किसान नेता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब खादर क्षेत्रवासियों की किसानों से आरपार की लड़ाई होगी। डैबलगढ़ में शुक्रताल के सामने पुल और बालावाली से रावली तक तटबंध बनवाने के संबंध में किसान पिछले 26 दिन से लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। 

तटबंध और पुल के लिए किसान हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी केवल कोरे आश्वासन दे रहे हैं। किसानों ने कहा कि जब तक विभाग के अधिकारी पुल व तटबंध बनने को लेकर लिखित में कोई आश्वासन नहीं देगा तब तक जल आंदोलन जारी रहेगा।
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