धरने में शामिल वक्ताओं ने कहा कि लगातार 16 दिन से किसान कलक्ट्रेट में खुले आसमान के नीचे बैठे हुए हैं। लेकिन शासन, प्रशासन के पास वार्ता में आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं होता है। इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है। कहा कि बिजली के बकाया के लिए कनेक्शन काटे जा रहे हैं, एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। बिजली की दर बढ़ाने के बाद भी किसानों को तीन से चार घंटे से ज्यादा बिजली नहीं दी जा रही है।
मंडावर में 26वें दिन भी जारी रहा किसानों का जल आंदोलन
उधर मंडावर क्षेत्र में गंगा पर तटबंध और पुल निर्माण की मांग को लेकर गंगा तट पर किसानों का जल आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने शासन, प्रशासन से गंगा पर तटबंध और पुल का निर्माण जल्दी शुरू कराने की मांग की।
डैबलगढ़ में चल रहे आंदोलन में किसानों ने अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ गंगा की धारा में खड़े होकर धरना दिया। किसान नेता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब खादर क्षेत्रवासियों की किसानों से आरपार की लड़ाई होगी। डैबलगढ़ में शुक्रताल के सामने पुल और बालावाली से रावली तक तटबंध बनवाने के संबंध में किसान पिछले 26 दिन से लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं।
तटबंध और पुल के लिए किसान हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। भाकियू के युवा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारी केवल कोरे आश्वासन दे रहे हैं। किसानों ने कहा कि जब तक विभाग के अधिकारी पुल व तटबंध बनने को लेकर लिखित में कोई आश्वासन नहीं देगा तब तक जल आंदोलन जारी रहेगा।