गौरतलब है कि यह गुलदार अब तक पांच लोगों की जान ले चुकी है। मादा गुलदार को पकड़ने में मदद करने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून से दो विशेषज्ञ सर्वेश राय और डॉ. सेलवा डोर शनिवार को बिजनौर पहुंच गए है।
हालांकि अभी कोई सफलता नहीं मिली है। गुलदार को पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं। उनमें बकरी भी बांधी जा रही हैं, लेकिन मादा गुलदार अब तक पिंजरों के आसपास नहीं आई है।
दोनों विशेषज्ञों ने गांव मोहंडिया के आसपास निरीक्षण किया। गुलदार के पंजों के स्पष्ट निशान लिए। पीओपी की मदद से इन निशानों को संभालकर रखा जाएगा। गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों में मटन व चिकन की वेस्टेज भी रखने को कहा है। मादा गुलदार को ट्रैस करने के लिए छह और कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इसी बीच गुलदार ने नजीबाबाद के गांव भोगपुर में गुलदार ने हमला कर एक किशोर को मार डाला। किशोर अन्य बच्चों के साथ जंगल में हो रहे एक भंडारे में प्रसाद लेने जा रहा था। इसी बीच मादागुलजार ने खेत से निकलकर किशोर पर हमला बोल दिया।
बच्चों में भगदड़ मच गई। लेकिन किशोर प्रशांत गुलदार के हमले का शिकार हो गया। परिजन जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे और बच्चे के शव को उठाकर घर ले आए। वहीं पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है।
इससे पहले गांव मोहम्मदपुर के गन्ने के एक खेत में रविवार शाम नीलगाय के बच्चे का शव पड़ा मिला। गांव वालों का कहना है कि नीलगाय के बच्चे को गुलदार ने मारा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।