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Bijnor: धामपुर में आशा-संगिनी और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन, छठे दिन भी हड़ताल जारी, 20 हजार वेतन

Wed, 14 Oct 2026 03:29 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

बिजनौर के धामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा, संगिनी और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी स्थायीकरण, समान काम-समान वेतन और 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रही हैं।

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आशा कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ आशा कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। बुधवार को धामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों ने छठे दिन भी धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी स्थायीकरण, समान कार्य के बदले समान वेतन और 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रही हैं। कर्मचारियों ने नारे लगाकर अपनी मांगें उठाईं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की।

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प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा और उसके अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि करीब दो दशक से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें लगभग 10 हजार रुपये मासिक वेतन के नाम पर काम करना पड़ रहा है।

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'अभी करो, अर्जेंट करो, हम सबको परमानेंट करो'
धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को नारों के जरिए भी जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'अभी करो, अर्जेंट करो, हम सबको परमानेंट करो' और 'दो हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं'। इन नारों के जरिए कर्मचारियों ने स्थायी नियुक्ति और वेतन बढ़ाने की मांग दोहराई।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे विभाग में स्थायी कर्मचारियों की तरह काम करती हैं, इसलिए उनके साथ वेतन और सुविधाओं के मामले में भी समान व्यवहार होना चाहिए। उनका आरोप है कि आउटसोर्सिंग और स्थायी कर्मचारियों के बीच वेतन का बड़ा अंतर रखा जा रहा है, जिसे वे अब स्वीकार नहीं करेंगी।
 

समान काम के बदले समान वेतन की मांग
आशा कार्यकर्ताओं, संगिनी और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कामों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उनके वेतन और रोजगार की स्थिति को लेकर समस्याएं बनी हुई हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और समान काम के बदले समान वेतन सुनिश्चित किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से काम करने के बाद भी स्थायीकरण नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। वे चाहती हैं कि सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय ले।
 
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चुनाव से पहले मांगें पूरी करने की चेतावनी
धरने पर बैठी कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव से पहले उन्हें स्थायी नहीं किया गया और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगी।

बुधवार को हुए प्रदर्शन में रुचि, रूपा, कविता, सविता, ममता, रानी और गरिमा सहित कई महिला आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं। फिलहाल धामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। अब देखना होगा कि उनकी मांगों को लेकर संबंधित विभाग और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
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