संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर ये कार्रवाई की गई। टीम में उपायुक्त जितेंद्र आर्य, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार, राज्यकर सहायक आयुक्त विनय कुमार शुक्ला, राज्य कर अधिकारी रोहित गुप्ता, राज्य कर अधिकारी दिव्या बेनीमाधव आदि अधिकारी रहे।
2019 से चल रहा है मंडप, शून्य भी दिखाई आय
मंडप के रजिस्ट्रेशन के अनुसार 2019 से मंडप संचालित है। अधिकारियों ने बताया कि मंडप से कारोबारी ने छह वर्ष में करोड़ों का कारोबार किया है। कुछ वर्ष में आय शून्य तक दिखाई गई है। अपर आयुक्त ग्रेड प्रथम हरिराम चौरसिया और अपर आयुक्त ग्रेड-2 रविराज प्रताप मल्ल के निर्देश में आगे भी मंडपों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
सीजन में दो हजार से अधिक विवाह और करोड़ों की टैक्स चोरी
शहर में 400 विवाह मंडप, मैरिज होम और होटलों में एक सीजन में दो हजार से अधिक विवाह समारोह होते हैं। औसतन एक मंडप की बुकिंग 1 लाख से 5 लाख के बीच होती है। ऐसे में मंडप, होटल व्यापारी 60 करोड़ से अधिक का कारोबार करते हैं। हालांकि टैक्स छिपाते हुए सीजन में कई मंडप में पांच से दस विवाह दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी करते हैं।