प्रधानों ने फैसले का किया स्वागत
किशोरपुर की ग्राम प्रधान रीतू चौधरी ने कहा कि यदि किसी अधिकारी को प्रशासक बनाया जाता तो उसके लिए एक साथ कई ग्राम पंचायतों का संचालन करना मुश्किल होता। वर्तमान व्यवस्था से विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।
जलालपुर जोरा के ग्राम प्रधान और राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के मंडल सचिव महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार का यह निर्णय गांवों के हित में है और इससे विकास कार्य पूर्व की तरह चलते रहेंगे। भैंसा के ग्राम प्रधान उमेश चौधरी का कहना है कि जब पंचायतों की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी जाती है तो ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्राम प्रधान सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं, इसलिए समस्याओं का समाधान तेजी से हो पाता है।
मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी जारी
प्रधानों का मानना है कि इस फैसले से गांवों में सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पंचायतों के माध्यम से चल रही योजनाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी।
किस विकास खंड में कितनी ग्राम पंचायतें
विकास खंड ग्राम पंचायतें
जानी 44
रोहटा 39
दौराला 45
रजपुरा 45
खरखौदा 30
मवाना 47
मेरठ 21
हस्तिनापुर 46
सरूरपुर 27
माछरा 42
परीक्षितगढ़ 54
(अन्य विकास खंड सहित कुल) 479
ग्रामीण विकास को मिलेगी निरंतरता
पंचायत चुनाव की तिथि घोषित होने और नई पंचायतों के गठन तक ग्राम प्रधानों को प्रशासकीय अधिकार मिलने से ग्रामीण विकास योजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी। इससे गांवों में चल रहे कार्यों के रुकने की आशंका भी खत्म हो गई है।