पुलिस ने उस पर हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा था। केस की विवेचना एसआईटी के पर्यवेक्षण की गई। वजीरगंज पुलिस ने शनिवार को चार्जशीट दाखिल की। सूत्रों के मुताबिक विवेचना में सामने आया कि पांच लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो ने जीवा की हत्या की सुपारी दी थी। उसने पचास लाख की सुपारी दी थी।
उसके गुर्गों ने विजय यादव को ट्रेंड किया और उसको 20 लाख रुपये में वारदात को अंजाम देने की डील की। विजय राजी हो गया। मामूली रकम उसको दी। बाकी रकम उसने बाद में देने की बात कही थी लेकिन विजय वारदात के वक्त ही पकड़ लिया गया था। केस की विवेचना आगे जारी रहेगी।
पेशी पर जाते समय फरार हुआ था बद्दो
कुख्यात बदन सिंह बद्दो मेरठ का रहने वाला है। यूपी के माफिया की सूची में उसका नाम है। उस पर करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। विदेश तक उसका जाल फैला हुआ है। 28 मार्च 2019 को गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर जाते समय मुकुट महल मेरठ से फरार हुआ था। तब से उसका सुराग नहीं लगा है।
इसलिए कराई हत्या
बदन सिंह बद्दो और जीवा दोनों का पश्चिम यूपी में खौफ था। जीवा ने तो बाराबंकी तक जमीन कब्जा रखी थी। इस बीच कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें बद्दो और जीवा का टकराव हो गया। अवैध हथियारों के कारोबार और जमीन पर कब्जों को लेकर दोनों आमने-सामने आने लगे थे।
इसलिए बद्दो ने जीवा की हत्या की साजिश रची। गुर्गों के जरिये पूरी रेकी कराई गई। जीवा के बारे में जानकारी जुटाई गई कि कब पेशी होगी, कहां होगी, कैसे आता है... आदि। वहीं चेकोस्लोवाकिया की जिस रिवाॅल्वर से विजय ने जीवा पर गोलियां बरसाई थीं उसे सुपारी देने वाले के एक गुर्गे ने ही रिवाल्वर मुहैया कराई थी।
काल्पनिक कहानी बताकर की वारदात
जब विजय पकड़ा गया था तब उससे पुलिस ने पूछताछ की थी। उसने बताया था नेपाल में अशरफ नाम के शख्स ने उसको सुपारी दी थी। उसने बताया था कि अशरफ ने कहा था कि उसका भाई लखनऊ जेल में बंद है, जीवा ने उसकी दाढ़ी नोंचकर बेइज्जती की है। उसी का बदला लेना है। पुलिस की विवेचना में ये तो साफ हो गया कि विजय नेपाल में रहा था। सुपारी देने वालों ने काल्पनिक कहानी बताकर जीवा की हत्या कराई।