बिजनौर के जिला महिला अस्पताल में दो दिन में पांच बच्चों की मौत से खलबली मच गई है। अप्रशिक्षित स्टाफ के द्वारा डिलीवरी की वजह से आंख खोलते ही कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई। पीड़ित लोगों ने अस्पताल में हंगामा कर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि रात में महिला चिकित्सक डिलीवरी करने नहीं आतीं, अप्रशिक्षित स्टाफ के हाथों डिलीवरी की जाती है। उधर, सीएमएस ने सभी मौत को नार्मल बताया है। हालांकि अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। परिजन हंगामा कर लौट गए।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव काजीवाला निवासी साजिद की 26 साल की पत्नी रूबीना को शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया। रूबीना ने पुत्र को जन्म दिया। चांदपुर क्षेत्र के गांव गोयली निवासी नवील की 25 साल की पत्नी नाजिमा ने सोमवार की रात पुत्री को जन्म दिया। हीमपुर थाना क्षेत्र कें गांव जलालपुर हसना निवासी रोहित की 26 साल की पत्नी अंशुल रविवार की रात भर्ती हुई और सोमवार की रात उनके भी पुत्र पैदा हुआ। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मंडावली सैदू जगमेश की पत्नी किरन को भी पुत्र पैदा हुआ। सोमवार को एक अन्य महिला ने भी बच्चे को जन्म दिया। चार नवजात की मौत जन्म के कुछ घंटे बाद ही हो गई, जबकि किरन के पुत्र की मौत मंगलवार सुबह हुई। हालांकि सोमवार को नगीना थाने के गांव पुरैनी निवासी रिंकू की पत्नी मंदोदरी व एक अन्य महिला ने भी बच्चो को जन्म दिया। दोनों बच्चों की हालत खराब होने पर उन्हें निजी चिकित्सक के यहां दाखिल कराया गया है। दो दिन में पांच नवजात की मौत हो ने पर परिजन भड़क गए। परिजनों ने महिला अस्पताल में स्टाफ व चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने और रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पीड़ितों का कहना है कि रात में महिला चिकित्सक डिलीवरी करने नहीं आती हैं, अप्रशिक्षित स्टाफ से डिलीवरी करा रही है। इस वजह से ही बच्चों की मौत हो रही है। अस्पताल में करीब एक घंटे तक परिजन हंगामा करते रहे। हंगामा करने के बाद परिजन घरों को चले गए।
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