एसएसपी ने एक सप्ताह पहले एक टीम गठित की, जोकि थानों की गोपनीय जांच कर रही थी। थाने में कौन पुलिसकर्मी क्या करता है, उसकी क्या शिकायत है। इसकी जांच रिपोर्ट पुलिस टीम ने दी। उसके बाद उन पुलिसकर्मियों के नाम लिस्ट में शामिल किये गए।
बताया गया है कि इन पुलिसकर्मियों के लाइन हाजिर होने का पीड़ा सबसे ज्यादा थानेदारों को है। लाइन हाजिर होने की लिस्ट में दो दरोगा, चार थाने की जीप चलाने वाले चालक, 37 कांस्टेबल और 32 हेड कांस्टेबल शामिल है।
एसएसपी के आदेश में लिखा है कि लाइन हाजिर किये पुलिसकर्मियों की सुबह-शाम पुलिस लाइन में गणना होगा। अवकाश, मेडिकल से जुड़ा विवरण रखा जाएगा और प्रशिक्षण की अवधि में जोड़ा नहीं जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि में क्या क्या कार्य किये, इसका प्रदर्शन विवरण तैयार करेंगे।
पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसको लेकर 75 पुलिसकर्मियों को लाइन में भेजा गया है। पुलिस लाइन में तैनात पुलिस वालों को थाने में भेजा जा रहा है। थानों में रहने का एक निर्धारित समय है, जिसमें कई पुलिस वालों का समय पूरा हो गया है। -प्रभाकर चौधरी, एसएसपी