हादसे में पल्लवपुरम निवासी प्रेमवती पत्नी रमेश, उसकी पुत्रवधू संगीता पत्नी राजेंद्र और पौत्र हनी पुत्र राजेंद्र की मौत होने पर उसके परिवार के लोग भी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। राजेंद्र के छोटे भाई राजू ने बताया कि उसकी मां प्रेमवती 23 फरवरी को ही मेरे साथ शिरडी में साईं वाले बाबा के दर्शन करने गई थीं। जब उसके भाई राजेंद्र ने माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए चलने के लिए कहा, तो उसकी मां ने इंकार किया था। वह कह रही थी कि तुम चले जाओ, लेकिन उसका भाई धार्मिक यात्रा पर मां को साथ ले जाने की जिद पर अड़ गया। इसके चलते उसकी मां भी अपने बेटे की बात को टाल नहीं पाई। उन्हें क्या मालूम था कि जिस यात्रा पर मां जा रही है, वह अंतिम यात्रा होगी।
राजेंद्र और जयकिशन में थी गहरी दोस्ती
पल्लवपुरम निवासी राजेंद्र और फाजलपुर निवासी जयकिशन के बीच गहरी दोस्ती थी। राजेंद्र नोएडा स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। दोनों दोस्तों ने धार्मिक यात्रा के लिए अपने अपने परिवार के साथ वैष्णो देवी जाने का प्लान कई महीने पहले बना लिया था। छह अप्रैल को एक तरफ राजेंद्र अपनी पत्नी, बेटे और मां तथा जयकिशन अपनी पत्नी, भाई, भाभी और सास को साथ लेकर माता वैष्णो देवी के दर्शन को स्कार्पियो से रवाना हुए थे।
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