मंगलवार को अशफाक और अकरम ने बताया कि जब कैंट बोर्ड की टीम अवैध निर्माण गिराने पहुंची थी तो बदर अली ने एक वर्ग के लोगों को भड़काया और कहा कि आग लगा दो, नहीं तो पुलिस उत्पीड़न करती रहेगी। जिसके बाद भीड़ ने झोपड़ियों में आग लगा दी और दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों में लूटपाट कर तोड़फोड़ की गई। भूसा मंडी प्रकरण में पूर्व में तीन केस दर्ज किय गये थे, जिनमें गिरफ्तार आरोपियों पर चार्जशीट भी लग चुकी है। इस इस बवाल के तीनों मुकदमों में बदर अली पर बलवा, तोड़फोड़, लूटपाट, सरकारी कार्य में बाधा, आगजनी समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
चौथे केस में बदर मुख्य बवाली
एसओ विजय गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को भूसा मंडी बवाल में चौथा केस दर्ज किया गया है। जिसमें भूसा मंडी निवासी यूसुफ ने केस दर्ज कराया है कि छह मार्च को उसके घर में हाजी सईद और बदर अली भीड़ को लेकर पहुंचे। जिसमें हाजी सईद ने कहा कि यूसुफ पर तेजाब डाल दो, जिससे यह झुलस जाए।
इस बीच बदर अली ने कहा कि यूसुफ की गोली मार दो, जिससे वह मर जाए और पुलिस फोर्स पर हम दबाव बनवाकर हत्या का केस दर्ज करा देंगे। यूसुफ की तहरीर पर युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली और माहीगीर सभा के अध्यक्ष के हाजी सईद पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि भूसा मंडी बवाल के सभी मामलों में कोर्ट ने बदर अली को तलब किया है।