भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर
सहारनपुर में शब्बीरपुर बवाल के बाद हुए उपद्रव में भीम आर्मी का नाम आने के बाद पुलिस ने इस संगठन को गैरकानूनी करार दिया है। बिना पंजीकरण चलाए जा रहे इस समूह को समाज को गुमराह करने वालों का गुट बताया है और इससे जुड़े बैंक खातों को सीज करने के लिए एसएसपी ने पत्र भी जारी कर दिया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि संगठन के नाम पर समाज के लोगों से निजी खातों में लाखों रुपये एकत्र किए गए हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले में भी ठगी का मुकदमा दर्ज कर जांच करेगी। पुलिस की जांच में भीम आर्मी की कार्यशैली को नक्सलियों की तर्ज पर संचालित होना पाया गया है। ऐसे में इस कनेक्शन की भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। इसके अलावा इस गैरकानूनी समूह से जुड़े लोगों पर पुलिस पैनी नजर जमाए हैं और उनकी गतिविधियों को संदेह के दायरे में रखा गया है।
दरअसल, नौ मई को जिले में कई जगहों पर हुए उपद्रव के बाद इसके पीछे भीम आर्मी का नाम सामने आया था। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में बसपा के पूर्व विधायक रविन्द्र मोल्हू और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। पुलिस जांच में भीम आर्मी भारत एकता मिशन को गैरकानूनी करार दिया गया है। इसके के अलावा इस संगठन के नाम पर बैठक करने वालों पर भी पुलिस नजर रखे हुए हैं। धारा 144 के दौरान होने वाली बैठकों को भी कानून का उल्लंघन माना जाएगा।