फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीम आर्मी संगठन का खुलासा! चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Mon, 15 May 2017 06:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
विज्ञापन
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर
विज्ञापन
सहारनपुर में शब्बीरपुर बवाल के बाद हुए उपद्रव में भीम आर्मी का नाम आने के बाद पुलिस ने इस संगठन को गैरकानूनी करार दिया है। बिना पंजीकरण चलाए जा रहे इस समूह को समाज को गुमराह करने वालों का गुट बताया है और इससे जुड़े बैंक खातों को सीज करने के लिए एसएसपी ने पत्र भी जारी कर दिया है। 
विज्ञापन


पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि संगठन के नाम पर समाज के लोगों से निजी खातों में लाखों रुपये एकत्र किए गए हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले में भी ठगी का मुकदमा दर्ज कर जांच करेगी। पुलिस की जांच में भीम आर्मी की कार्यशैली को नक्सलियों की तर्ज पर संचालित होना पाया गया है। ऐसे में इस कनेक्शन की भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। इसके अलावा इस गैरकानूनी समूह से जुड़े लोगों पर पुलिस पैनी नजर जमाए हैं और उनकी गतिविधियों को संदेह के दायरे में रखा गया है।

दरअसल, नौ मई को जिले में कई जगहों पर हुए उपद्रव के बाद इसके पीछे भीम आर्मी का नाम सामने आया था। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में बसपा के पूर्व विधायक रविन्द्र मोल्हू और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। पुलिस जांच में भीम आर्मी भारत एकता मिशन को गैरकानूनी करार दिया गया है। इसके के अलावा इस संगठन के नाम पर बैठक करने  वालों पर भी पुलिस नजर रखे हुए हैं। धारा 144 के दौरान होने वाली बैठकों को भी कानून का उल्लंघन माना जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रासुका की अफवाह से समर्थन की साजिश

बड़गांव में फ्लैग मार्च करते आरएएफ के जवान
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि भीम आर्मी नाम का कोई संगठन पंजीकृत नहीं पाया गया है। बिना किसी सूचना के समाज विरोधी गतिविधियां करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें संगठन के नाम पर निजी खातों में चंदा लिया गया है। इसकी जांच की जा रही है और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया के जरिए कुछ अवांछनीय तत्व सहारनपुर और पुलिस को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। पुराने फोटो और वीडियो के जरिए अफवाह फैलाई जा रही है। 

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि नौ मई को हुए उपद्रव का मुख्य आरोपी चंद्रशेखर कई अन्य संगठनों से भी संपर्क साध रहा है। देश के अन्य राज्यों में सक्रिय संगठनों में यह झूठी खबर फैलाई जा रही है कि प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की है। ऐसे में रासुका की झूठी खबर को ढाल बनाकर अपने पक्ष में समर्थन की साजिश भी हो रही है।

जागरूकता के नाम पर समाज को कर रहे हैं गुमराह
एसएसपी सुभाष चंद्र दूबे का कहना है कि यह गैरकानूनी संगठन जागरूकता के नाम पर नौजवानों और अन्य लोगों को गुमराह कर रहा है। सोशल मीडिया के जरिए समाज में जहर घोलने की कोशिश हो रही है। इसमें ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। भीम आर्मी की कार्यशैली नक्सलियों से मिलती-जुलती है। हालांकि अब तक इसका किसी तरह का कनेक्शन सामने नहीं आया है। मगर, इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें