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भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का फिर से एक भड़काऊ वीडियो वायरल

Thu, 01 Jun 2017 03:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
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भीम आर्मी का नया वीडियो वायरल
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सहारनपुर में जातीय हिंसा की तपिश कम करने के लिए इंटरनेट सेवा बंद के बावजूद धार्मिक और जातीय भावनाएं आहत करने वाली वीडियो, पोस्ट सहित अन्य सामग्री लगातार वायरल हो रहे हैं। इसी बीच भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह डीएम-एसएसपी की छाती पर पैर रखकर गिरफ्तारी देने का दावा कर रहा है। वह केवल इसलिए रुका है क्योंकि उसके साथियों को जमानत नहीं मिली है। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए लगातार भड़काऊ मैसेज वायरल किए जा रहे हैं।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के लिए भले ही प्रशासन और पुलिस के अफसर तमाम दावे कर रहे हैं, मगर वह लगातार सोशल मीडिया के जरिए पूरे सिस्टम को चुनौती दे रहा है। 30 मई की देर शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है कि जिसमें वह एक सभा को संबोधित करता हुआ नजर आ रहा है। उसका कहना है कि वह दर्शन करने आया था और अगले दिन फिर जाऊंगा। कौम के गद्दारों का इलाज दुश्मनों की तरह करूंगा। मेरे ऊपर 27 मुकदमे लगाए हैं चाहे तो 2700 लगा दो। जेल में बंद लोगों की जमानत के बाद डीएम-एसएसपी की छाती पर पैर रखकर गिरफ्तारी दूंगा।

चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के लिए टीमें जुटी

भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद
बवाल के मुख्य आरोपी चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार खाक छान रही है। पुलिस की टीमें हरिद्वार, दिल्ली और पंजाब में जगह-जगह उसकी तलाश में जुटी हैं। हालांकि लगातार उसके वायरल हो रहे वीडियो से भी पुलिस उसकी लोकेशन तलाशने में जुटी है। पुलिस टीमें उसके आसपास ही है।

गौरतलब है कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर का एक भड़काऊ वीडियो पहले भी वायरल हुआ था। फेसबुक पर वायरल वीडियो में चंद्रशेखर ने इस बार 300 बसों के साथ सहारनपुर में कूच करने की चेतावनी दी है। साथ ही इस बार रोकने या कार्रवाई पर ईंट से ईंट बजाने की चेतावनी दी गई है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है।  इसके अलावा वाहट्सएप के जरिए भी हिंसा का जवाब हिंसा जैसे मेसेज भेजे जा रहे हैं।

सोशल मीडिया से खड़ा किया संगठन
भीम आर्मी का संस्थापक चंद्रशेखर अपना अलग संगठन खड़ा करना चाहता था। इसी के तहत उसने अपना पूरा अभियान चला रहा था। इसके लिए उसने सोशल मीडिया को माध्यम बनाया और इसी के द्वारा अपना पूरा अभियान चलाया। न सिर्फ शहर और आसपास के जिलों से, बल्कि पूरे यूपी और आसपास के राज्यों तक से मूवमेंट के लिए समर्थन मांगा। जिससे चंद्रशेखर को बल मिलता चला गया। चुनावों में बसपा को समर्थन करने के बावजूद भीम आर्मी को गैर राजनीतिक संगठन बताते हुए चंद्रशेखर ने दलितों को अपने साथ जोड़ा।  जांच में जुटा खुफिया तंत्र और पुलिस की मानें तो चंद्रशेखर ने सोची समझी रणनीति के तहत बाबा साहेब के नाम पर संगठन को नाम दिया और युवा दलितों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया।
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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर FIR दर्ज की गई थी

भीम आर्मी सेना
उसने अपनी विशेष संवाद शैली से युवाओं को प्रभावित किया, जिससे युवा दलित संगठन से जुड़ते चले गए। इसके बाद तो फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया। यही नहीं उसने अपने मूवमेंट की रूपरेखा भी सोशल मीडिया के जरिए तैयार कर लोगों तक पहुंचाई। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने शब्बीरपुर की घटना के प्रतिकार में दो दिन बाद सोशल मीडिया के जरिये जिले भर से दलित समाज के युवाओं को गांधी पार्क चलने का आह्वान किया।

जब पुलिस ने गांधी पार्क से भीम आर्मी को खदेड़ दिया तो भीम आर्मी ने सोशल मीडिया का पूरा उपयोग किया और सोशल मीडिया के जरिए ही गांव-गांव मेसेज भेजकर युवकों को एकत्रित किया। पूरा आंदोलन सोशल मीडिया के जरिए ही खड़ा किया गया। उन्हें लगातार व्हाट्सएप और फेसबुक पर निर्देशित किया गया। खुफिया विभाग एवं डीएम-एसएसपी की रिपोर्ट में पूरे प्रकरण में भीम आर्मी को ही जिम्मेदार माना गया। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

चंद्रशेखर ने सिर्फ जिले और प्रदेश के ही दलित युवाओं तक ही नहीं बल्कि हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड समेत दूसरे राज्यों तक अपना संदेश पहुंचाया और युवा दलितों को संगठन के साथ जोड़कर संगठन को मजबूत करने की कवायद की। सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर के नाम से कई अकाउंट बन चुके हैं और युवा दलितों को लगातार जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।


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