नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस ने विनय रतन की गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही आरोपी कोर्ट में सरेंडर कर चुका था।
निर्दोष होने के कारण पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार
आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने कहा है कि वह बेगुनाह है। उसे जबरन फंसाया गया। हिंसा से एक दिन पहले ही उसकी बहन की मौत हुई थी। यह पुलिस जानती है। इसलिए पुलिस ने सामने रहते हुए भी उसे गिरफ्तार नहीं किया। उसने कहा कि कुर्की के नोटिस चस्पा करने गए पुलिस कर्मी उसे पहचानते ही नहीं थे। इसलिए भी उन्होंने उसे गिरफ्तार नहीं किया, फिर भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के चलते कुछ लोग हिंसा से दूर रहने वाले अंबेडकर वादी दलितों को बदनाम कर रहे हैं। इसकी जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी हों उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। विनय ने कहा कि उसे भरोसा है कोर्ट से वह निर्दोष साबित होंगे।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/