आगे कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। बहुजन समाज के अधिकारी को प्रमुख सचिव नहीं बनाया जाता है। कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि उनके संगठन को ताकत कहां से मिलती है। नोटबंदी में 31 मिलियन लोग बेरोजगार हो गए, वे सब उनके साथ हैं। कहा कि सरकारी क्षेत्र में केवल दो प्रतिशत नौकरी है। विरोधी केवल इसके लिए आरक्षण होने का रोना रोते हैं। कहा कि एजेंट बहुजन समाज के लोगों का उत्पीड़न बंद कर दें। कल बहुजन समाज की भी सरकार बनेगी।
आगे कहा कि देश को बंद करने वाले देश को चला भी सकते हैं। अब देश में बहुजन समाज की सरकार बनेगी। बहुजन समाज की सरकार बनने के बाद समान शिक्षा, चिकित्सा व्यवस्था लागू होगी। बहनें बच्चों को सड़क पर जन्म देने को मजबूर नहीं होंगी। सच्चर कमेटी, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू होंगी। निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू होगा। जब मुख्यमंत्री और चपरासी का बच्चा एक जगह बैठकर पढ़ेगा तो पता चल जाएगा कि किसमें कितना दम है। बहुजन समाज में सर्वजन के लिए जगह नहीं होगी। बहुजनों की सरकार बहुजनों का प्रतिनिधित्व करेगी।
कहा कि जब आरक्षण जातिगत है तो जनगणना भी जातिगत हो। जाति के आधार पर ही आरक्षण मिले। सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स में आरक्षण लागू करेंगे। कहा कि दलित, मुस्लिम समाज की एकता से सभी डरते हैं। अब तो ओबीसी वर्ग भी हमारे साथ आ रहा है। बहुजन समाज की सरकार बनेगी तो बहुजन समाज की सुनी जाएगी। कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 175 बिलियन हेक्टेयर जमीन पर दबंगों का कब्जा है। यह जमीन कब्जामुक्त कर बहुजन समाज के लोगों को दी जाएगी। भूखे रहने वाले 83 करोड़ लोगों को दोनों वक्त का खाना मिलेगा। हर घर तब पांच-पांच बीघा जमीन होगी। कहा कि उनकी रैली रोकने की कोशिश हुई, लेकिन युवाओं के सैलाब को कोई नहीं रोक सकता है। अब वोट हमारा, राज तुम्हारा की नीति नहीं चलेगी। मुस्लिम समाज पूरा उनके साथ है। कहा कि हकों के लिए भीम आर्मी एक दिसंबर से आंदोलन करेगी। मुजफ्फरनगर से इसकी शुरूआत होगी। भाजपा की पोल खोलकर सत्ता से बेदखल किया जाएगा। रैली को पूर्व सांसद इलियास आजमी, पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, गौहर इकबाल, अनवारूल हक, प्यारेलाल जाटव, वीरेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता इरशत जावेद व संचालन शामिल त्यागी, अरविंद कुमार ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष रोहित सागर, रिंकू गौतम, रविंद्र भाटी, कमल सिंह वालिया, हिमांशु वाल्मीकि, परवेज आफताब आदि मौजूद रहे।
फैल रहीं अव्यवस्था
चंद्रशेखर के मंच पर आने के बाद अव्यवस्था फैल गई। युवा जाकर मंच पर चढ़ गए और नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। यहां तक कि आयोजक से युवा कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हुई। बाद में किसी तरह युवाओं को मंच से नीचे उतारा गया। प्रदर्शनी मैदान में बने भवन की छत पर एचटी लाइन के पास खड़े युवाओं को भी पीछे किया गया।
मुस्लिम नेताओं ने पहनाई नीली पगड़ी
चंद्रशेखर को मुस्लिम नेताओं ने नीली पगड़ी बांधी। उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, हाथी आदि की प्रतिमा दी गई। सिख समाज के लोगों ने तलवार देकर सम्मानित किया।
सेल्फी लेने की रही होड़
युवाओं में चंद्रशेखर को लेकर बहुत उत्साह रहा। मंच पर पूरे समय युवा चंद्रशेखर के साथ फोटो खिंचवाने व सेल्फी लेने के लिए आते रहे। चंद्रशेखर ने भी किसी को निराश नहीं किया। युवतियों के साथ भी सेल्फी खिंचवाई।
हंसकर लगाया चश्मा
भाषण देते समय युवाओं ने चंद्रशेखर से चश्मा लगाने की बात कही। चंद्रशेखर ने भी हंसकर अपना चश्मा लगाया। कहा कि वे बहुजन समाज के युवाओं से बहुत प्यार करते हैं। उनके लिए जान भी कुर्बान कर देंगे।
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