मेरठ। रक्षाबंधन पर निकली भारी भीड़ के सामने रोडवेज की व्यवस्था फेल हो गई। अतिरिक्त बसें लगाने और बसों के ट्रिप बढ़ाने पर भी हालात खराब रहे। इस कारण लोगों की भारी परेशानी उठानी पड़ी।
रक्षाबंधन में निकलने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसों के अलावा पहले से चल रही बसों के ट्रिप बढ़ाने की व्यवस्था की थी। साथ ही चालकों और परिचालकों की छुट्टी भी प्रतिबंधित कर दी थी और प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की थी। लेकिन रविवार को सुबह चार बजे से यात्रियों की भीड़ निकलना शुरू हो गई थी। भाई और बहन एक दूसरे के यहां जाने लगे थे। भैसाली बस अड्डे से लेकर सोहराबगेट बस अड्डे तक यात्रियों की भारी भीड़ पहुंचती रही। भारी भीड़ के सामने बसों की कमी पड़ने लगी। जो भी बस पहुंचती वह फुल हो जाती है। बस में बैठने के लिए इस कदर अफरातफरी मच रही थी कि लोग बस की खिड़की से भी अंदर घुस रहे थे। चालक की खिड़की से भी यात्री चढ़ते रहे।
बस नहीं मिलने की सूचना पर पहुंचे वाजपेयी
सोहराबगेट डिपो में यात्रियों को बस नहीं मिलने पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पहुंचे और उन्होंने व्यवस्था का जायजा लिया। कई रूटों की बसें नहीं मिलने की शिकायत पर उन्होंने एआरएम राजीव यादव से जवाब तलब किया और खड़ी बसे नहीं भेजने का कारण पूछा। यादव ने बताया कि जो बस खड़ी हैं वह 500 किलोमीटर चलकर आई हैं। इसका स्टाफ नाश्ता कर रहा है। इसे अभी भेज दिया जाएगा। इस पर वाजपेयी ने नाराजगी जताई और यात्रियों की भीड़ के सापेक्ष बसों का इंतजाम करने को कहा।
जाम में फंसीं बसें
यात्रियों को उनके गंतव्य लेकर जा रही बसें कई जगह लगे जाम में फंस गई। मोदीनगर में लगे जाम के चलते दिल्ली रूट वाली बसें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। इसके अलावा हापुड़ में जाम के चलते बुलंदशहर रूट की बसों को अड्डे तक पहुंचने में काफी समय लग गया। इससे रोडवेज का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया। बस अड्डों पर खड़े यात्री बसों का इंतजार करते रहे।
भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों के अलावा पहले से चल रहीं बसों के दो से तीन ट्रिप बढ़ाए थे, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। लेकिन बसों के रूट पर लगने वाले जाम में फंसने से कुछ दिक्कत हुई। इसे संभाल लिया गया। नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन
50 हजार महिलाओं ने किया फ्री में सफर
प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर यूपी रोडवेज में फ्री सफर कराने का तोहफा दूसरे साल भी कारगर साबित हुआ। भाइयों को राखी बांधने जा रहीं अधिकतर महिलाओं ने रोडवेज बसों का सहारा लिया। हालांकि बसे कम पड़ने से उन्हें परेशानी भी हुई। रविवार को महिला यात्रियों को परिचालकों ने जीरो अमाउंट का टिकट जारी किया। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक शनिवार मध्य रात्रि से रविवार देर शाम तक की रिपोर्ट अनुसार मेरठ रोडवेज रीजन की बसों में करीब पचास हजार महिला यात्रियों ने मुफ्त सफर का लाभ उठाया है। करीब पचास लाख रुपये का सफर मुफ्त कराया गया है। हालांकि पूरी रिपोर्ट सोमवार तक ही आ पाएगी। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि पिछले साल भी करीब 70 लाख रुपये से ज्यादा का सफर कराया गया था।