संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया अपनाने पर वाल्मीकि समाज ने विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को समाज के लोगों ने नगर निगम में जमकर हंगामा किया। अधिकारियों को बंधक बनाकर फॉर्म जमा करने वाले काउंटर तक बंद करा दिए। पुलिस ने काउंटर खुलवाए।
नगर निगम में 2215 सफाई कर्मचारी आउट सोर्सिंग पर शहर में काम कर रहे हैं। उप्र सरकार ने निगम में 2355 संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती खोल दी है। सरकार ने आरक्षण लागू किया है। सफाई कर्मचारी नेता आरक्षण प्रक्रिया के विरोध में उतरे हुए हैं। सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदौला, राजू धवन की मांग है कि संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में पहले नंबर पर 2215 सफाई कर्मचारियों को रखा जाए। उसके बाद बाकी बची रिक्तियों पर आरक्षण के तहत भर्ती कर ली जाए।
सोमवार को सफाई कर्मचारी नेताओं के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्र होकर नगर निगम पहुंचे। सबसे पहले निगम परिसर में जुलूस निकाला और फॉर्म जमा करने पहुंचे युवकों को लाठी के बल पर दौड़ाया। इसके बाद निगम बिल्डिंग में खोले गए काउंटरों को बंद करा दिया। साथ ही बिल्डिंग के चैनल पर ताला डालकर बंद कर दिया। इस दौरान निगम के अधिकारी व कर्मचारी भी बंधक बने रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सफाई कर्मचारियों को वहां से हटाया और काउंटर के ताले खुलवाए।
कर्मचारियों ने फिर काउंटर बंद करा दिए। शाम तक एक भी फॉर्म जमा नहीं हुआ। सफाई कर्मचारी नेता अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी से मिले। उन्होंने समझाकर शांत किया। सफाई कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर फार्म जमा नहीं होने दिए जाएंगे। इसके लिए भले ही क्यों न सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू करना पड़े। अपर नगरायुक्त का कहना है कि निगम की स्थिति से पुलिस को पूरी तरह अवगत करा दिया है। पुलिस ने व्यवस्था संभाली हुई है।