फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फुर्सत से आए हैं, कड़ाही साथ लाए हैं..., किसानों ने किया ऊर्जा भवन का घेराव, रोकने पर हंगामा, टोल कराया फ्री 

Tue, 20 Oct 2020 12:59 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • किसानों ने किया ऊर्जा भवन का घेराव, रोकने पर हंगामा  
  • सीएम के नाम 12 सूत्रीय मांग पत्र एमडी पीवीवीएनएल को सौंपा 
  • ऊर्जा भवन पर ही चढ़ी कड़ाही, चलीं रागिनी
विज्ञापन
bhakiyu tomer - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन तोमर गुट ने मेरठ में ऊर्जा भवन का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। गेट पर रोकने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक के बीच किसान गेट धकेलकर ट्रैक्टरों के साथ अंदर घुस गए। किसानों ने एमडी अरंविद मल्लप्पा बंगारी से वार्ता की और सीएम के नाम 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांगों को पूरा करने के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।
विज्ञापन


भाकियू तोमर गुट के नेतृत्व में किसान दोपहर 12 बजे ऊर्जा भवन पहुंच गए। यहां गार्डों ने मुख्य गेट नहीं खोला। इस पर किसानों ने गेट को धक्का दिया और ट्रैक्टरों के साथ अंदर घुस गए। यहां किसान धरने पर बैठ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और आरएएफ जवानों से भी किसानों की कहासुनी हुई।

फुर्सत से आए हैं, कड़ाही साथ लाए हैं 
अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों से किसानों ने मिलने से मना करते हुए कंपनी एमडी से वार्ता कराने को कहा। किसानों ने कहा कि वे फुर्सत से आए हैं। कड़ाही साथ लाए हैं जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक धरना खत्म नहीं होगा।
विज्ञापन

kisan protest - फोटो : अमर उजाला
हो रहा किसानों का शोषण
शाम करीब चार बजे संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर वहां पहुंचे। उन्होंने विद्युत निगम पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना बकाया भुगतान नहीं कराया है। विद्युत निगम किसानों के नलकूप कनेक्शन काटने में लगा है। कोल्हू संचालक किसानों से 85 हजार की बजाय सवा लाख रुपये तक लिए जा रहे हैं। किसानों से यह लूट नहीं होने दी जाएगी। 
12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
शाम करीब छह बजे कंपनी एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी किसानों के बीच धरने पर पहुंचे। किसानों ने उन्हें सीएम के नाम 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। एमडी ने स्थानीय स्तर की मांगों का निस्तारण खुद कराने और शासन स्तर की मांगों को शासन के पास भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान लौट गए।

ये रहे धरने में मौजूद 
 धरने की अध्यक्षता नारायण चौधरी गड़ीना ने की और संचालन मंडल अध्यक्ष पदम सिंह ने किया। इस मौके पर इंद्रजीत सिंह, राममेहर फौजी, चौधरी चंद्रवीर सिंह, गीता चौधरी, दीपक, सुशील पटेल, अरुण मेहरा, विशाल बालियान, अखिलेश चौधरी, राजकुमारी, सरदार हरजीत सिंह, तौसीफ सैफी, अनिल चिकारा, अंकित चौधरी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

ये रही मुख्य मांगे
  • बिजली सस्ती दरों पर दी जाए
  • गन्ना बकाया भुगतान नहीं होने तक बिजली बिल न वसूला जाए
  • किसानों के नलकूप कनेक्शन न काटे जाए
  • नलकूपों की बिजली फ्री की जाए
  • कोल्हू संचालकों की रसीद 85 हजार की बजाय 35 हजार की काटी जाए
  • फुंके ट्रांसफार्मर 24 घंटे के अंदर बदले जाए
खाया पुलाव और सुनी रागिनी
किसानों ने ऊर्जा भवन पर ही कड़ाही चढ़वाकर पुलाव बनवाकर खाया और रागिनी का आनंद उठाया। कुछ किसान हुक्का और ढोल भी साथ लेकर आए थे। 

सोशल डिस्टेंस का नहीं हुआ पालन 
धरना प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो सका। अधिकतर किसान बिना मास्क के आए थे। खाने के वक्त एसओपी का जमकर उल्लंघन हुआ। किसान खुद अपने हाथों से ही पुलाव लेकर खाते रहे। इसमें खूब धक्का मुक्की हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कहने के बाद भी किसान शोर मचाते रहे। 

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें