मुलायम सिंह ने मेरठ विवि का नाम रखा था चौधरी चरण सिंह विवि
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न का पुरस्कार मिलने से चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) में खुशी का माहौल है। 13 जनवरी 1994 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने मेरठ विवि का नाम बदलकर चौधरी चरण सिंह विवि रखा था। वर्तमान में सीसीएसयू का नाम न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक में खासी पहचान बनाए हुए है। जानकारों के अनुसार तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा गठित राधा कृष्णन आयोग ने 1949 में रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें जिले में विवि की जरूरत बताई गई। काफी जद्दोजहद के बाद 1965 में मेरठ विवि की स्थापना हुई।
चौधरी चरण सिंह का जीवन ईमानदारी का प्रतिविंब: प्रो. संगीता
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न मिलने पर सीसीएसयू कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा चौ.चरण सिंह ने अपना जीवन ईमानदारी से बिताया। किसानों की भलाई के लिए हमेशा काम किया। विवि के लिए गौरव की बात है कि विवि का नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर है।
मोदी सरकार ही किसानों की सच्ची हितैषी: भारद्वाज
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न सम्मान देकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि मोदी सरकार किसानों, गरीबों-शोषितों की सच्ची हितैषी है। चौधरी साहब को ये पुरस्कार किसी सरकार ने नहीं दिया जबकि वे इसके असली हकदार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको ये सम्मान देकर पूरे देश के किसानों का सम्मान किया है। - धर्मेंद्र भारद्वाज, एमएलसी