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भारत बंद: बिजनौर में एंबुलेंस को रोका, मरीज को कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर ले गए परिजन, मौत

Tue, 03 Apr 2018 11:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दलित समाज के लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए। भारत बंद को समर्थन में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे स्थित शास्त्री चौक पर जाम लगाया गया। हंगामा करते हुए युवकों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और सामान को लूटकर ले गए।
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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिजनौर के गांव बरूकी निवासी बीमार 60 वर्षीय लोकमन की एंबुलेंस को नहीं निकलने दिया। परिजन उसे कंधे पर उठाकर जाम से निकालकर किसी तरह ले गए, लेकिन निजी अस्पताल में जाते ही उसने दम तोड़ दिया।

बागपत में दलित संगठनों के पदाधिकारियों ने जिलेभर में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय चमार महासंघ के कार्यकर्ताओं ने शहर, अग्रवाल मंडी टटीरी में बागपत-मेरठ रोड जाम कर लिया। पुलिस से नोकझोंक हुई। प्रदर्शन और हंगामा किया गया। 
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पुलिस ने भीड़ को किसी तरह काबू में किया और एहतियातन स्वयं ही बाजार को बंद करा दिया। कुछ दुकानदार खुद ही दुकानों को बंद कर घर चले गए। करीब साढ़े तीन घंटे बाद जाम खोला गया। 
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ये रहे प्रदर्शन में शामिल 

प्रदर्शन में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति जन जागृति महासंघ, विश्व दलित परिषद, उत्तर प्रदेशीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति बेसिक शिक्षक महासंघ, दलित पिछड़ा वर्ग महासभा, भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, मूल निवासी संघ, आभास महासंघ, बसपा आदि संगठन शामिल रहे। 

चंद्रशेखर को रिहा करने की मांग 
सहारनपुर दंगे में जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से रिहा करने की भी मांग की गई। कई प्रदर्शनकारी अपने हाथ में चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा करने संबंधी नारे लिखे रहे। इसके अलावा आरक्षण लिखे नारे भी तख्तियों पर लिखे रहे।

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