भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत ने कहा कि हाइवे, कस्बों, शहर के भीतर व गांवों में धुआं उगलने वाले वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे है। बहुत से ऐसे वाहन है, जो 15 साल से अधिक पुराने है।
लेकिन परिवहन विभाग व प्रदूषण विभाग इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि सबसे अधिक शहर को प्रदूषित करने में इन वाहनों का हाथ है। प्रदूषण विभाग व प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसान का उत्पीड़न करने में लगे है। खेत में पड़ी पत्ती व पराली को जलाने पर किसान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।