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घर का हिस्सा हैं पुराने ट्रैक्टर..., जानें आखिर किस बात को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा हैं किसान

Sun, 30 Sep 2018 04:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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भाकियू किसान यात्रा - फोटो : अमर उजाला
भाकियू की किसान यात्रा लगातार दिल्ली की ओर बढ़ रही है। यात्रा दो अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी। इस यात्रा में सैंकड़ों पुराने ट्रैक्टर भी शामिल हैं लेकिन आप शायद ही जानते हों कि ये पुराने ट्रैक्टर भी इस यात्रा का अहम हिस्सा हैं, क्योंकि इन ट्रैक्टरों को लेकर भी किसानों की बड़ी लड़ाई है। आइए जानते हैं आखिर किस बात को लेकर है किसानों का गुस्सा:-
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पुराने ट्रैक्टरों के लिए दे सकते हैं जान

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भाकियू किसान यात्रा - फोटो : अमर उजाला
भाकियू कार्यकर्ता और किसान में सबसे ज्यादा उबाल दस साल पुराने ट्रैक्टरों को लेकर है। किसान ने कहा कि वे दिल्ली की तरफ पुराने ट्रैक्टरों लेकर जा रहे हैं। केंद्र सरकार उनकी परीक्षा न लें। भाकियू की ताकत को सरकार जानती है। पुराने ट्रैक्टरों के लिए वह अपनी जान भी दे सकते हैं।
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एनजीटी ने पुराने ट्रैक्टरों पर लगाई है रोक

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भाकियू किसान यात्रा - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार से दिल्ली जा रही भाकियू की किसान क्रांति यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार हजारों किसान शामिल हैं। यह यात्रा लगभग छह किमी लंबी है। इसमें कुछ किसान पैदल यात्रा कर रहे हैं तो कुछ किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर हैं। वहीं एनजीटी द्वारा दस साल पुराने ट्रैक्टरों के एनसीआर में संचालन पर प्रतिबंध के चलते इन्हें दिल्ली में ले जाने को लेकर भाकियु कार्यकर्ताओं और दिल्ली प्रशासन में टकराव के आसार भी बन रहे हैं।

घर के आदमी जैसा है ट्रैक्टर

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भाकियू किसान यात्रा - फोटो : अमर उजाला
एनजीटी ने एनसीआर में दस साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक संबंधी आदेश जारी किया था। बुढ़ाना निवासी किसान रामपाल सिंह ने कहा कि फोर्ड ट्रैक्टर बेटा पैदा होने पर खरीदा था। इससे इतना लगाव है कि 1988 से घर का आदमी जैसा है। पुलिस और सरकार हमसे पुराने ट्रैक्टर लेकर दिखाए, हम सरकार से नया ट्रैक्टर न लें लेंगे।
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कहां जाएंगे लाखों ट्रैक्टर

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
एनसीआर में मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, शामली, मुजफ्फरनगर के करीब एक लाख से अधिक ट्रैक्टर दस साल से अधिक पुराने हैं। अकेले मेरठ में ही करीब 13 हजार ट्रैक्टर हैं। भाकियू नेता चंद्रपाल सिंह फौजी का कहना है कि एनसीआर में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर पुराने हैं, ये कहां जाएंगे।

 
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और ये हैं मांगें

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा किसान जिन मांगों को लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनमें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू कर फसल का रेट उत्पादन से डेढ़ गुणा दिया जाए। बिजली की बढ़ी दरें वापस ली जाएं। गन्ना बकाया भुगतान विलंब ब्याज समेत हो। किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ हो। किसान क्रेडिट कार्ड कर्ज अदायगी सीमा पांच साल की जाए।फसल खरीद गारंटी अधिकार दिए जाने की बात शामिल हैं।

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