मेरठ। दिल्ली रोड जगदीश मंडप में शिव महापुराण कथा में कथा व्यास शीतल कृष्ण महाराज ने जालंधर और वृंदा की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि जालंधर बहुत शक्तिशाली असुर था। जालंधर का जन्म समुद्र मंथन से हुआ।
वह शिव का अंश माना जाता और अजेय हो गया। उसकी पत्नी वृंदा भगवान विष्णु की भक्त थी। जालंधर की शक्ति उसकी पत्नी वृंदा की वजह से और अधिक बढ़ गई। जालंधर ने देवताओं को पराजित किया। कथा में यजमान सीमा, राजेश मोहन, तरुण गुप्ता और नीतू गुप्ता रहीं। कथा व्यास ने बताया कि देवताओं के आग्रह पर विष्णु जी ने जालंधर को हराने का निर्णय लिया। पहले वृंदा की शक्ति को खत्म किया गया। ऐसे में जालंधर की शक्ति भी नष्ट हो गई। शिव ने युद्ध में जालंधर का वध किया। वृंदा तब तुलसी बन गई। भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया कि सदा तुलसी की पूजा की जाएगी। कथा में प्रसाद सेवा सुधा और अशोक के द्वारा दी गई। इस अवसर पर दीपक सिंघल, मनोज अग्रवाल, हर्षित, गौरव बंसल, राजेश, मनोज, अंकिता रहीं।