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भारी वाहनों पर रोक ने आसान कर दी शहरवासियों की राह  

Sun, 31 Dec 2017 12:17 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 शहर में भारी वाहनों का दबाव हटते ही शहरवासियों की राह आसान हो गई है। ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिल रहा है। उधर, एसपी ट्रैफिक का दावा है कि नो एंट्री के समय में शहर की सड़कों पर करीब दो लाख से ज्यादा वाहन दौड़ते हैं, ऐसे वाहन चालकों को रोजाना के जाम से भी निजात मिल रही है। मुख्य चौराहे और अन्य मार्ग भी अब खुले-खुले लगते हैं।
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शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक नो एंट्री का समय है। इन 15 घंटों में भारी वाहन शहर के अंदर प्रतिबंधित हैं। लेकिन उसके बावजूद भी भारी वाहन धड़ल्ले से चल रहे थे, जो जाम और हादसों का सबब बने थे। पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने 25 दिसंबर की सुबह से नो एंट्री में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की थी।

हुआ इसका विरोध
इस फैसले के विरोध में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ट्रांसपोर्टरों के साथ एसपी ट्रैफिक और एसएसपी से मिले। टीपीनगर तक भारी वाहनों के लिए छूट मांगी गई। जिस पर नवीन मंडी और ट्रांसपोर्ट नगर तक भारी वाहनों में छूट तो दी गई। लेकिन टीपीनगर तक आने के लिए भी दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से आठ बजे तक भारी वाहन प्रतिबंधित कर दिए।
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यहां मिली निजात
भारी वाहन बंद होने से कमिश्नरी आवास चौराहा, विश्वविद्यालय रोड़, गढ़ रोड, पीवीएस रोड शास्त्रीनगर, हापुड़ रोड और दिल्ली रोड पर यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है। बागपत रोड पर भी जाम की समस्या से निजात मिली। लालकुर्ती मेन रोड और जीरो माइल पर भीषण जाम लगता था, वहां सड़कें खुल गई हैं। यही हाल तेजगढ़ी चौराहे का है।

दो लाख लोगों को राहत
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का दावा है कि कमिश्नर आवास चौराहा, जीरो माइल, बेगमपुल, तेजगढ़ी, एल ब्लॉक तिराहा, दिल्ली रोड और बागपत रोड से सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक औसतन एक लाख वाहन निकलते हैं। दिल्ली रोड पर मेट्रो प्लाजा के पास से ही एक घंटे में करीब तीन हजार वाहन निकलते हैं। भारी वाहनों पर रोक से पूरे शहर में करीब दो लाख वाहन चालकों को राहत मिली है। स्कूली बच्चों की संख्या अलग है।

सूचनाएं भी घट गईं
25 दिसंबर की सुबह से नो एंट्री के समय में भारी वाहनों की बंदी से कंट्रोल रूम पर सूचनाएं भी घट गईं। पुलिस लाइन के कंट्रोल रूम के अनुसार जिले में 25 दिसंबर से पहले रोजाना करीब 220 सूचनाओं का औसत आ रहा था। लेकिन पिछले पांच दिनों में प्रत्येक दिन की सूचना अब औसतन 180 रह गई है। कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार जाम की सूचनाओं में कमी हुई है। भारी वाहन बंद होने का ही यह कारण है।

यह ट्रक पलट जाता तो...
लालकुर्ती क्षेत्र में बाउंड्री रोड पर ओवरलोड ट्रक रात में खराब हो गया। जिसमें इतने गन्ने लदे थे कि ट्रक की कमानी टूट गई और एक तरफ झुकता चला गया। ऐसे में यदि यह ट्रक किसी वाहन या राहगीर पर पलट जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि यह भारी वाहन रात के समय खराब हुआ था। नो एंट्री के समय शहर में नहीं आया था।

यह सराहनीय कदम
शहर में नो एंट्री का मतलब है भारी वाहन प्रतिबंधित होना। ट्रैफिक पुलिस ने नो एंट्री के समय भारी वाहनों को लेकर अच्छा काम किया है। पुलिस के इस सराहनीय कार्य में सभी को सहयोग करना चाहिए। हमने चैंबर की मीटिंग में भी कहा था कि भारी वाहन जाम का सबसे बड़ा कारण है। ट्रकों से ही शहर में कई स्थानों पर व्यवस्था बिगड़ रही थी। -सर्वेश कुमार सराफ, महामंत्री चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

सम्मानित करेंगे
भारी वाहनों को शहर में बंद करने का प्रयास अच्छा है। हमारी संस्था यातायात व्यवस्था में पुलिस का हमेशा सहयोग करती रही है। एसपी ट्रैफिक ने भारी वाहनों को बंद कर अच्छा निर्णय लिया है। संस्था की तरफ से एसपी ट्रैफिक को सम्मानित भी किया जाएगा। रोडवेज बसें भी शहर से बाहर होनी चाहिए। -अमित नागर, अध्यक्ष मिशिका सोसायटी 
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