17 सितंबर 2017 में हसीन मोटा पर 50 हजार का इनाम हुआ था। वह एसटीएफ के टारगेट पर था। इससे पहले एसटीएफ हसीन तक पहुंचती कि मेरठ क्राइम ब्रांच ने उसको अपना निशाना बनाया। एएसपी सतपाल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच हसीन की तलाश में लगी थी। शनिवार देर रात क्राइम ब्रांच और बदमाशों की मुठभेड़ में भी एएसपी साथ थे।
50 हजार की इनाम होते ही एसटीएफ की टीम हसीन के पीछे लगी थी। एसटीएफ ने हसीन को ट्रेस भी कर लिया था। एक दो दिन में उसकी गिरफ्तारी होनी भी तय थी। लेकिन गुपचुप तरीके से क्राइम ब्रांच भी हसीन के नंबरों को सुन रही थी। मेरठ जिले में एक सप्ताह पहले आए एएसपी सतपाल सिंह भी क्राइम ब्रांच का सीओ बनाया गया। तभी से वह हसीन की तलाश में लगे थे।
एएसपी रोजाना हसीन का अपडेट ले रहे थे। शनिवार को हसीन लूट करने परतापुर आ रहा है, इसकी सूचना मिलते ही एएसपी और क्राइम ब्रांच की टीम शताब्दीनगर में लग गई। लेकिन हसीन शातिर अपराधी था। पुलिस देखते ही गोलियां चलाने लगा। बस फिर क्या था। पुलिस ने भी हसीन की गोलियां का जवाब दिया। पुलिस की गोली का हसीन शिकार हो गया।
गुलावटी में रहता परिवार
हसीन कुछ दिन से दिल्ली में रह रहा था। चार दिन पूर्व एसटीएफ ने हसीन की तलाश में एसटीएफ ने दिल्ली में छापा मारा था। लेकिन यह बच निकला था। हसीन की पत्नी दो बच्चों के साथ गुलावटी बुलंदशहर में रहती है। उसके छोटा भाई सलमान चोरी में जेल में बंद है। बड़ा भाई वकील लिसाड़ीगेट में रहता है। एनकाउंटर की जानकारी पुलिस ने हसीन के परिवार को दे दी। परिवार में कोहराम मचा है।