बनना तो यूपी पुलिस में दरोगा था। लेकिन उसके लिए इतना ज्ञान नहीं था। इसलिए अपनी जगह दूसरे छात्र को परीक्षा दिलाने का बीस हजार रुपये में ठेका दे डाला। फर्जी छात्र पहले ही पकड़ा जा चुका है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने असली अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर लिया। जिससे पूछताछ के बाद इस रैकेट के सरगना की तलाश की जा रही है।
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थानाध्यक्ष गंगानगर आशुतोष कुमार के अनुसार विगत 12 दिसंबर को रजपुरा स्थित जेपी कॉलेज में यूपी एसआई की ऑनलाइन परीक्षा थी। इस दौरान अभ्यर्थियों की एंट्री के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगायी गयी थी। कॉलेज सेंटर में प्रवेश के दौरान एक तथाकथित छात्र का अंगूठा मशीन से मैच नहीं हुआ था। उसके पास से जो आधार कार्ड और प्रवेश पत्र मिला था, उस पर चंद्रशेखर पंवार पुत्र ब्रह्म सिंह निवासी गांव सबगा जिला बागपत दर्ज था, जबकि पकड़े गए छात्र ने अपना नाम अभय बहादुर पुत्र पवन कुमार निवासी नई बस्ती हुकुल गंज थाना कैंट वाराणसी बताया था। जो मूल रूप से भोजपुर बिहार का था। उससे मिला आधार कार्ड व प्रवेश पत्र फर्जी था। पूछताछ में अभय ने बताया था कि वह चंद्रशेखर की जगह परीक्षा देने आया था। पुलिस ने अभय को जेल भेज दिया था। जबकि मूल अभ्यर्थी चंद्रशेखर को भी बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, चंद्रशेखर ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी जगह किसी दूसरे छात्र को परीक्षा दिलाने का ठेका कासिम नाम के युवक को 20 हजार रुपये में दिया था।
परीक्षा देने नहीं आया कासिम
थानाध्यक्ष के अनुसार एसआई परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग का सरगना कासिम है। मुखबिर ने सूचना दी थी कि कासिम बृहस्पतिवार को जेपी कालेज में किसी दूसरे छात्र की परीक्षा देने आएगा। लेकिन संभवत उसे चंद्रशेखर की गिरफ्तारी की सूचना मिल गई। पकडे़ जाने के डर से कासिम नहीं आया। चंद्रशेखर को जेल भेज दिया गया है। कासिम की तलाश की जा रही है।
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