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हमले से पहले अर्द्धनग्न होकर नाचे थे छात्र, पुलिस को मिला वीडियो क्लिप

Thu, 06 Apr 2017 12:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ कॉलेज के प्रोफेसर/चीफ वार्डन डॉ. सुधीर पुंडीर के आवास पर सोमवार की रात हमला करने से पहले समाजवादी छात्रसभा के छात्रों ने हॉस्टल में शराब पीकर हुड़दंग मचाया था। लालकुर्ती पुलिस को हमले से पहले का एक वीडियो क्लिप मिला है, जिसमें आरोपी छात्र हॉस्टल में अर्द्धनग्न होकर डांस कर रहें हैं। कई छात्र आपत्तिजनक अवस्था में हैं। उधर, बुधवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित ढाका और उसके साथियों की तलाश में कई जगह दबिश दी है, लेकिन सफलता नहीं मिली है।
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बुधवार को लालकुर्ती पुलिस ने हमले के चार आरोपियों आशु राठी, शुभम चौहान, अरशद और अभिषेक को जेल भेज दिया। पुलिस मेरठ कॉलेज स्थित हॉस्टलों में भी जांच करने पहुंची। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ कई सुबूत मिले है। पुलिस ने बताया कि एक वीडियो क्लिप मिली है, जो प्रोफेसर के आवास पर हमले से कुछ समय पहले का ही। इसमें समाजवादी छात्रसभा नेता अंकित ढाका और उसके साथी हॉस्टल में अराजकता करते दिख रहे हैं। आरोपी छात्र नंगे होकर डांस कर रहे हैं। पुलिस ने प्रोफेसर के आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे और हॉस्टल से मिली वीडियो क्लिप के आधार पर हमलावरों की पहचान की है। सोमवार को आरोपी छात्रों ने शाम पांच बजे से हॉस्टल के कमरों में हुड़दंग मचा रखा था। इसकी पुष्टि होने पर कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठते है।
 
कहां छुप गया अंकित ढाका?
इंस्पेक्टर लालकुर्ती धीरज शुक्ला ने बताया कि प्रोफेसर के आवास पर हमला कराने वाला मुख्य आरोपी अंकित ढाका ही है। अंकित की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी आसान हो जाएगी। बुधवार को पुलिस ने अंकित की तलाश में मेरठ कॉलेज के अलावा अन्य कई प्राइवेट हॉस्टलों में दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
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दो आरोपी निर्दोष हैं तो तो दस दोषियों को लाओ
मेरठ कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ सिंह बुधवार को आरोपी अभिषेक और अरशद की पैरवी करने थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि पकडे़ गए चार आरोपियों में दो निर्दोष हैं, उन्हें छोड़ा जाए। इस पर इंस्पेक्टर धीरज शुक्ला ने कहा कि यदि दो आरोपी निर्दोष हैं तो दस दोषियों को ले आओे। इस पर सौरभ सिंह चुपचाप वापस लौट गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि  आरोपियों की गिरफ्तारी वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। किसी निर्दोष को नहीं पकड़ा गया है।
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