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 बीएड में बेटियों का क्रेज बरकरार, 4142 ने छोड़ी प्रवेश परीक्षा 

Thu, 12 Apr 2018 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में 75 केंद्रों पर हुई बीएड प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण रही। प्रवेश परीक्षा देने वालों में 75 फीसदी महिला अभ्यर्थी रहीं। 4142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। अधिकांश अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र व पहचान आईडी नहीं लाने के चलते प्रवेश नहीं दिया गया। सुबह छह बजे से शाम पांच तक नोडल अधिकारी चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रो. एचएस सिंह स्वयं केंद्रों का दौरा कर पर्यवेक्षकों से फीडबैक लेते रहे। 
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बुधवार को आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ के अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के लिए 37507 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। सुबह की पाली में इनमें से 33 हजार 365 अभ्यर्थी 4142 ने परीक्षा छोड़ दी। हालांकि दोपहर एक बजे से चार बजे वाली पाली में दो सौ परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ गई। ओएमआर शीट को लेकर भी परेशानी आई लेकिन लखनऊ विवि में बात कर इसको दूर कर लिया गया। दरअसल जब फार्म भरे गए तो छात्र-छात्राओं को 11 नंबर के रजिस्ट्रेशन नंबर की डिजिट दी गई। लेकिन जो ओएमआर आई उसमें सिर्फ नौ डिजिट का नंबर भरने का ही ऑप्शन था। इसके बाद शुरुआत की दो डिजिट को छोड़कर नंबर भरवाए गए। नोडल अधिकारी प्रति कुलपति प्रो. एचएस सिंह ने बताया कि सभी सेंटरों पर सुबह से ही डेढ़ सौ से ज्यादा ऑब्जर्वर यूनिवर्सिटी की तरफ से निगरानी करते रहे। किसी भी सेंटर से कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि पेपर सामान्य रहा। 

 बच्चियां बोली, मम्मी कैसा हुआ एग्जाम 
बीएड की प्रवेश परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों-महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। 75 फीसदी लड़कियों ने बीएड के लिए आवेदन किए थे। हालात ये थे कि मेरठ में बनाए गए सेंटरों पर लड़कियों-महिलाओं की संख्या 23 हजार से ज्यादा रही। सेंटरों के बाहर बच्चे-बच्चियां मम्मी के पेपर देकर आने का इंतजार कर रहे थे। कोई पापा से पेपर खत्म होने के बारे में पूछ रहा था तो किसी को परिवार के लोग बता रहे थे कि मम्मी अब बस आने ही वाली हैं। बच्चे सेंटरों के गेट पर खड़े होकर मम्मी के आने का इंतजार कर रहे थे। पेपर छूटते ही बच्चे मम्मियों को देखकर खुशी से दौड़ पड़े। कोई लिपटकर पूछने लगा कि मम्मी कैसा रहा आपका एग्जाम तो किसी ने बच्ची को गले लगाकर पूछ लिया कि बेटा ज्यादा याद तो नहीं आई। 
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