मेरठ में एक जागरूक विद्यार्थी के रूप में हम पुलिस की मदद कैसे कर सकते हैं? अगर पुलिस की मदद करना चाहते हैं तो उसके सूचना तंत्र बनें। जब भी अपने आसपास कुछ गलत होता दिखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अगर हर व्यक्ति इस सोच के साथ कदम बढ़ाएगा तो हमारा समाज अपराध मुक्त हो जाएगा। छात्रों को पुलिस की मदद करने का यह रास्ता एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने बताया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत द अध्ययन स्कूल शताब्दीनगर में पुलिस की पाठशाला का आयोजन हुआ। शुभारंभ एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने किया। स्कूल के प्रबंधक प्रियांशु ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। एसपी क्राइम ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए। प्रिंसिपल शर्मिला वासु रॉय ने आभार व्यक्त किया। संयोजन कोआर्डिनेटर सुनील त्यागी व स्टाफ का रहा।
शेर सुनाकर कही अपनी बात
एसपी क्राइम ने पुलिस की छवि के लिए लोगों के मन में जो तमाम नकारात्मकता है उसको दूर करने के लिए शेर सुनाकर अपनी बात कही। कहा कि
ऐ मरघट तेरा सन्नाटा क्यों नहीं कटता
हम अपनी जान दे देकर तुझे आबाद करते हैं
उन्होंने कहा कि एक पुलिस वाला जनता की सुरक्षा के लिए 24 घंटे काम करता है। उसके पास कोई छुट्टी, रविवार या त्योहार नहीं होता। इसके बाद भी जनता के मन में पुलिस की नकारात्मक छवि ही बनी हुई है। पुलिस का गुडवर्क कभी तारीफ नहीं पाता।
कानून का करें सम्मान
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक ने छात्रों से कहा कि कानून का सम्मान अवश्य करें। जनता की सुविधा के लिए देश में जो कानून बने हैं, उनको पालन भी अवश्य करें। जो लोग कानून का पालन नहीं करते वो बड़े अपराधी हैं। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों को स्मार्टफोन, सोशल मीडिया के सही प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी।
छात्रों के सवाल एसपी क्राइम के जवाब
सवाल- समाज में पुलिस की छवि खराब क्यों है? आस्था
जवाब- बचपन से ही बच्चे के मन में माता-पिता यह खौफ डाल देते हैं कि पुलिस खराब है, यही वजह है कि 24 घंटे जनता की सेवा करने वाली पुलिस की छवि हमेशा खराब लगती है।
सवाल- आपातकालीन स्थिति में महिलाएं पुलिस से सुरक्षा कैसे ले सकती हैं? - उदिति
जवाब- डायल 100, 1090 पुलिस की हेल्पलाइन हैं इन पर सूचना दे सकती हैं। अपने नजदीकी थाना, पुलिस चौकी में सूचित कर सकती हैं। महिला थाना में सूचना देकर भी देकर अपनी बात कह सकती हैं। पुलिस मदद करेगी।
सवाल- सोशल मीडिया पुलिस की मदद कैसे करती है? - उत्कर्ष
जवाब- बीट कांस्टेबल से लेकर बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ सोशल मीडिया पर जुड़ सकते हैं। आपके पास कोई सूचना है तो उसे किसी भी पुलिस अधिकारी को व्हाट्सएप, फेसबुक के जरिए बता सकते हैं। आप चाहें तो उनसे पहचान गोपनीय रखने की बात भी कहें और उनकी मदद करें।
सवाल- लोग वाहन पर नंबर प्लेट की जगह जातिसूचक शब्द लिखते हैं पुलिस उनके खिलाफ क्या कदम उठाती है? - श्रेया शुक्ला
जवाब- वाहन पर नंबर प्लेट पर नंबर लिखने का नियम है। लेकिन लोग नंबर छोड़कर जातिसूचक शब्द, अपना पद, नाम, पता सब कुछ लिख लेते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। ऐसे लोगों पर कार्यवाही होती है चालान भी काटा जाता है।
सवाल- आम आदमी पुलिस के साथ सहज क्यों नहीं होता? - अविकल्प
जवाब- लोगों को लगता है कि पुलिस डर का नाम है, जो गलत सोच है। कुछ पुलिस वालों का रवैय्या खराब रहता है, जब भी शिकायत मिलती है तो उन पर एक्शन लिया जाता है। व्यवहार सुधारने के लिए कार्यशालाएं भी कराते हैं।
सवाल- जागरूक विद्यार्थी के रूप में हम पुलिस की मदद कैसे कर सकते हैं? - प्रतीक शर्मा
जवाब- समय पर सूचना देकर पुलिस की मदद करें। विद्यार्थी हों या नागरिक पुलिस को सूचनाएं अवश्य दें। अपने निकट के थाना, पुलिस चौकी व बीट कांस्टेबल के नंबर रखें, उनसे संपर्क बनाएं और कुछ भी असामाजिक गतिविधि दिखे तुरंत सूचना दें।
सवाल- तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर रोक क्यों नहीं लगती? - कशिश शर्मा
जवाब- तेज रफ्तार वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, तेज़ हॉर्न बजाना, हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाना सभी यातायात नियमों का उल्लंघन हैं। ऐसे लोग जब भी दिखते हैं उन पर कार्रवाई होती है, चालान काटते हैं।
सवाल- सोशल मीडिया का प्रयोग करते वक्त क्या सावधानी रखें? - रिया
जवाब- सोशल मीडिया, स्मार्ट फोन का प्रयोग समझदारी से संवैधानिक तरीके से करेें। निजी डाटा, तस्वीरें, घर का पता ऐसा कुछ भी शेयर न करें। किसी की भावनाएं आहत हों ऐसी पोस्ट या तस्वीर न डालें। हर फ्रैंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। अनचाहे वीडियो, एप भी डाउनलोड न करें।
सवाल- पाइरेसी आतंकवादी साइट को फंडित करती है उस पर रोक क्यों नहीं लगती? - श्रेया शर्मा
जवाब- पाइरेसी को रोकने के लिए कई नियम बने हैं, लेकिन उन नियमों का पालन नहीं हो पाता। पुलिस को जब भी पाइरेसी की शिकायत मिलती है तो कार्यवाही भी करते हैं।
सवाल- संविधान तरक्की कर रहा है, लेकिन पुलिस भ्रष्ट क्यों है? - अनुष्का
जवाब- भ्रष्टाचार हर विभाग में होता है, पुलिस विभाग में भी कुछ लोग हैं जो ऐसा करते हैं, जब भी उनकी शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई करते हैं।
सवाल- पीसीएस ऑफिसर बनने में क्या कठिनाई होती है? - पलक
जवाब- ऑफिसर बनने में कठिनाई नहीं ये उसकी कंडीशन हैं। पीसीएस की परीक्षा के जरिए एसडीएम, एआरटीओ, डीएसपी सहित लगभग 20 पदों के लिए अधिकारी नियुक्त होते हैं। परीक्षा देने की आयु स्नातक के बाद 21 वर्ष है।
सवाल- पुलिस में आवेदन कैसे कर सकते हैं? - लीशा अरोड़ा
जवाब- यूपीएससी और यूपीपीएससी दोनों ही परीक्षाओं के जरिए पुलिस में एंट्री मिलती है। कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ पद के लिए नियुक्ति ले सकते हैं। हर पद के लिए अलग योग्यता व परीक्षा है जिसे पास करने के बाद नियुक्ति मिलती है।