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चश्मदीद गवाहों के इंतजार में अटका शहीद फौजी का इंसाफ, मिल रही तारीख पर तारीख

Thu, 20 Sep 2018 04:18 PM IST
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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फौजी की बिलखती पत्नी बबीता और वेदमित्र का (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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चश्मदीद तीनों गवाह के इंतजार में शहीद फौजी वेदमित्र का इंसाफ अटका हुआ हैं। तारीख पर पीड़ित परिवार पहुंचा है, लेकिन गवाह नहीं। बार-बार कोर्ट नोटिस भेजकर पुलिस को आदेश देती है कि गवाहों को पेश किया जाए। कई बार चेतावनी देने के बाद कोर्ट में न आने पर तीनों गवाहों के गिरफ्तार वारंट जारी हो चुके। सवाल है कि एक महिला गवाह पुलिस विभाग में कांस्टेबल है, इसके बावजूद गवाही देने नहीं आ रही। मुकदमे को देखा जाए तो फौजी इन्हीं गवाहों की आंखों के सामने आरोपियों ने पीट पीटकर मारा हैं। 

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छेड़छाड़ के विरोध में हुई हत्या 
13 अगस्त 2015 दिन गुरुवार था। घटना टीपीनगर क्षेत्र के गोलाबढ की है। मूलरूप से शामली के टिटौली गांव निवासी फौजी वेदमित्र परिवार के संग गोलाबढ़ में रहते थे। गोलाबढ़ में डेयरी संचालक की बेटी से मोहल्ले के दर्जनभर लोगों ने छेड़छाड़ की थी। जिसका विरोध करने पर आरोपियों ने फौजी वेदमित्र की पीट-पीटकर मार डाला। यह मामला गृह मंत्रालय तक पहुंचा था। पुलिस ने आरोपी आकाश सैनी, सतीश सैनी, छविंद्र, संजू, बिट्टू कन्नू और किशोर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

आर्मी दे चुकी शहीद का दर्जा 
एक युवती की अस्मत बचाने की खातिर फौजी वेदमित्र की हत्या हुई है। पुलिस की जांच रिपोर्ट में पुष्टि भी हो चुकी। उसकी चार्जशीट पुलिस कोर्ट में दाखिल कर चुकी। पुलिस की इसी रिपोर्ट को आधार मानते आर्मी ने भी वेदमित्र को शहीद का दर्जा दे दिया है। विवेचक इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने बताया कि चार्जशीट में पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट में दाखिल किए है। तीनों गवाहों के बयान भी अंकित किए गए। पीड़ित युवती के 164 के बयान भी हुए हैं। 

गवाह नहीं आए, वारंट जारी 
फौजी वेदमित्र पक्ष के सीनियर अधिवक्ता मांगेराम का कहना है कि इस केस में पुलिस ने तीन चश्मदीद गवाह बनाए हैं। जिसमें एक युवती हैं, जिससे छेड़छाड़ की वारदात हुई थी। दूसरा युवती का भाई हैं, जोकि वेदमित्र के साथ साथ आरोपियों द्वारा हमले में घायल हुआ था। तीसरा युवती का पिता (डेयरी संचालक) हैं, जिसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों चश्मदीद गवाह कोर्ट में गवाही देने नहीं आ रहे। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हैं।
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कांस्टेबल बन गई पीड़िता 
वेदमित्र की हत्या का मामला एडीजी-18 कोर्ट में विचाराधीन हैं। अधिवक्ता मांगेराम का कहना है कि पीड़िता यूपी पुलिस में कांस्टेबल बन गई हैं। पुलिस में होने के बावजूद वह गवाही देने को तैयार नहीं। कोर्ट में गवाही होनी कितनी जरूरी है, इसकी जानकारी पुलिस विभाग में ट्रेनिंग में दी जाती है। पुलिस कई बार चश्मदीद गवाहों को नोटिस दे चुकी कि वह कोर्ट में आकर अपनी गवाही दे। 

जमानत पर बाहर आरोपी  
इस मामले में पुलिस नामजद सभी आरोपियों को जेल भेज चुकी है। सात अक्टूबर 2016 को एडीजे-18 में आरोपियों के खिलाफ चार्ज भी लग चुका है। सारे आरोपी जमानत पर बाहर हैं। तीनों चश्मदीद गवाहों की कोर्ट में गवाही देने को तैयार नहीं, इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं है। जिसको लेकर पीड़ित परिवार में जबरदस्त गुस्सा भी हैं। 

इंसाफ की उम्मीद है 
फौजी वेदमित्र के पिता तेजपाल चौधरी का कहना कि बेटे की हत्या को दो साल होने को है। कोर्ट में मामला विचाराधीन हैं। वेदमित्र के दस साल की बेटी और दस साल का बेटा है। वेदमित्र की पत्नी बबीता ससुराल में गांव में रहती हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि इंसाफ मिलने की पूरी उम्मीद हैं। तेजपाल ने कहा कि आखिर सास तक बेटे इंसाफ की लड़ाई लडे़ंगे। वेदमित्र की पत्नी बबीता के भी बयान हो चुके हैं कि आरोपियों ने हत्या की है।

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