शहर के चार चौराहों का सौंदर्यीकरण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। इन प्रमुख चौराहों को सुंदर बनाने के दावे तो बहुत हुए। पैसा भी अच्छा-खासा खर्च हुआ। लेकिन नतीजा सरकारी कामों से भी गया गुजरा है। आलम यह है कि कहीं नाममात्र के लिए काम हुआ तो बाकी काम कागजों में दिखा दिया गया। जितना पेमेंट मिला, उससे आधे से ज्यादा को ठिकाने लगाने की बात कही जा रही है। हाल ही में इस बाबत गठित कमेटी ने भी चौराहों का निरीक्षण किया और इस काम पर असंतुष्टि जताई है।
दरअसल सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के प्लान पर एमडीए ने शहर के चार चौराहों का विकास करने की पहल की थी। इनके डेवलपमेंट के लिए एमडीए ने 6.15 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। जिनमें करीब 1.36 करोड़ का पेमेंट हो चुका है। सीआरआरआई ने इन चारों चौराहों पर इम्प्रूवमेंट का प्लान बनाकर भेजा था। बेगमपुल, एचआरएस चौराहा, तेजगढ़ी तथा हापुड़ अड्डा पर इस योजना में काम हुआ। अहम बात यह है कि चौराहों पर काम होने के बाद भी यहां ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हुआ। लगातार इन चौराहों पर जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में बार बार यह मांग उठती रही कि चौराहों पर काम की जांच हो।
समिति ने जांचा तो पाई गड़बड़ी
इस बाबत कमिश्नर ने पहले भी समिति का गठन किया था। पिछले सप्ताह समिति ने चौराहों पर जाकर कामकाज देखा। समिति में एमडीए बोर्ड सदस्य परविंदर सिंह ईशू के अलावा एमडीए से एक्सईएन तथा अन्य अधिकारी भी शामिल थे। टीम ने यहां सुझाव भी दिए कि काम और सही तरीके से हो। लेकिन असल बात यह है कि चौराहों पर काम की स्थिति बहुत ही खराब मिली। खासतौर पर हापुड़ अड्डा चौराहा और एचआरएस चौक पर नाममात्र ही काम हुआ और भुगतान ले लिया गया। यहां केवल फुटपाथ बना और उस पर भी तत्काल कब्जे हो गए। बाकी अन्य सही तरीके से हुआ ही नहीं। बेगमपुल पर केवल जरा सी ग्रीनरी लगाई है तो तेजगढ़ी का भी हाल ऐसा ही है।
नहीं हुआ सही काम
चौराहों पर सही तरीके से काम नहीं हुआ है। हापुड़ अड्डा और एचआरएस चौक पर हाल बुरा है। यहां नाममात्र को ही काम हुआ है। एमडीए अधिकारियों को इस बाबत अवगत करा दिया गया है। मंडलायुक्त को भी इस बाबत मैं पत्र लिखूंगा। -परविंदर सिंह ईशू, समिति सदस्य
यह था प्लान
1. बेगमपुल चौराहा
- यहां ट्रैफिक माउंट बनेगा
- हापुड़ रोड की तरफ से यदि आबूलेन जाना है तो बेगमपुल से पहले ही दिल्ली रोड की तरफ टर्न होगा
- बस स्टॉपेज बेगमपुल से पहले ही होंगे ताकि वहां जाम न लगे
- सभी रोड पर डिवाइडर होगा, बिना टर्न लिए दूसरी रोड पर एंट्री नहीं होगी
- शेल्टर लगने थे
2. हापुड़ अड्डा
- यहां मेन सर्किल को चौड़ा करना होगा
- क्रॉसिंग पूरी तरह से बंद होंगी
- डिवाइडर बनेेंगे, पैदल चलने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
- फुटपाथ बनेगा
3. एचआरएस चौक
- यहां फ्री गोल चक्कर तैयार होगा
- रोटेरी सिस्टम लागू होगा
- कर्व माउंट बनेगा
- रंबल स्ट्रीप तथा ट्रैफिक कंट्रोलर बनाए जाएंगे
- फुटपाथ बनेगा
4. तेजगढ़ी चौराहा
- यहां भी रोटेरी सिस्टम लागू होगा
- कर्व माउंट बनेगा तथा ग्रीनरी कट लगेंगे
ऐसे हुआ पेमेंट
21 सितंबर 2015 को- 2117293
28 दिसंबर 2015 को - 5869093
21 जनवरी 2016 को- 2030324
29 मार्च 2016 को - 3500000
15 सितंबर 2016 को- 53040
एक फाइल गायब
एकाउंट से पेमेंट की फाइल गायब है। इसकी तलाश की जा रही है। इसमें भी करीब 50 लाख रुपये के पेमेंट की बात कही जा रही है। संबंधित पटल पर कहा जा रहा है कि एक फाइल मिल ही नहीं रही है।