संकरा है बैराज मार्ग, हर दिन लगता जाम
बिजनौर। दिल्ली पौड़ी हाईवे पर लगने वाला रोज का जाम वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जाम लगने पर जब तक पुलिस जागती है, तब तक व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है और घंटों तक वाहन फंसे रहते हैं। इसकी बड़ी वजह बिजनौर और देवल के बीच हाईवे की चौड़ाई कम और सड़क का खराब होना है। इस बीच रात में कोई वाहन खराब हो जाए तो 10-12 घंटे तक लोग फंसे रहते हैं। एक माह बाद कुंभ शुरू होना है और मेरठ के रास्ते वाहनों को बिजनौर होकर हरिद्वार भेजा जाना है। ऐसे में आने वाले समय स्थिति और भी खराब होगी।
बिजनौर से देवल तक ये मार्ग सात मीटर चौड़ी है, बाकी जगह सड़क 11 मीटर चौड़ी है। एक साथ दो वाहन आसानी से जाने में दिक्कत होती हैं। बिजनौर से देवल तक रास्ते में कोई भी सड़क हादसा होने पर जाम के हालात बन जाते हैं। आलम ये रहता है कि रात में भी लोगों को जाम में फंसा रहना पड़ता है। जाम की इस समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। गांव जीवनपुरी से देवल तक तो हालत बहुत ज्यादा खराब है। कभी भी हादसा हो जाता है। हरिद्वार में कुंभ मेला एक से 30 अप्रैल तक चलेगा। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ समेत कई शहरों के लाखों श्रद्धालु बिजनौर से होकर जाएंगे। प्रशासन इसकी तैयारी में जुटा है। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन ने कुंभ मेले की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली-पौड़ी हाईवे पर लगने वाले जाम को लेकर है।
रावली व हेमराज कालोनी के मार्ग से निकलते हैं वाहन
बिजनौर से बैराज तक जाम लगने पर वाहनों को रावली वाले बंदे के मार्ग व हेमराज कालोनी रोड से निकाला जाता है। ज्यादा वाहन आने से इन मार्गों पर भी जाम लग जाता है। इस जाम को खुलवाने में भी दिक्कतेंउठानी पड़ती हैं। लोग इन मार्गों पर भी रातभर जाम में फंसे रहते हैं।
फोर लेन निर्माण की भी सुस्त है चाल
मेरठ से नजीबाबाद तक फोर लेन मार्ग बनने के बाद ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी। मेरठ से बहसूमा और बिजनौर के कछपुरा गांव से नजीबाबाद तक फोर लेन बनाने का काम शुरू हो गया है। बहसूमा से बिजनौर तक 40 किमी मार्ग पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। यह क्षेत्र हस्तिनापुर सेंक्चुरी में आता है। केंद्र सरकार से अभी इस क्षेत्र में सड़क बनाने की अनुमति नहीं मिली है। बैराज भी इस क्षेत्र में आता है, इसलिए वहां भी गंगा पर दूसरा पुल बनना शुरू नहीं हुआ। 1100 करोड़ की लागत से ये पुल अनुमति मिलने के बाद बनेगा। बैराज से पहले एक पुल बन रहा है। मध्य गंगा बैराज के अधिशासी अभियंता बीएस चाहर के मुताबिक पुल 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
नहीं हुए शौचालय दुरुस्त
पिछली बार कुंभ के दौरान चक्कर रोड से मंडावर मार्ग पर सड़क किनारे हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं के शौचालय बने थे। इन शौचालयों की हालत बेहद खराब है। इनके दरवाजे तक उखाड़ लिए गए हैं। कुंभ के लिए ये शौचालय अभी तक दुरुस्त नहीं कराए गए हैं।