बिजनौर में बैराज के पुल से निकलते वाहन। संवाद
बिजनौर। बैराज पुल 23 दिन बाद शुक्रवार को चार पहिया वाहनों के लिए खोल दिया गया है। पुल के स्लैब के बेयरिंग खराब होने पर पुल से आवागमन रोक दिया गया था। पुल पर से यातायात शुरू होने से राहगीरों ने राहत की सांस ली।
एनएचएआई के अफसरों की मौजूदगी में शुक्रवार सुबह 11 बजे बिजनौर बैराज पुल से बैरियर हटाए गए। इसके बाद दोपहिया वाहन, चार पहिया वाहन यानि कार सहित अन्य हल्के वाहनों को पुल से आने-जाने की अनुमति मिल गई है। जबकि, बस और भारी वाहनों की पुल से आवाजाही करने की अनुमति पांच सितंबर से मिलने की संभावना है। रामधारा वाले स्लैब के चारों बेयरिंग बदले गए हैं। जबकि, गेट नंबर 28 के सामने स्लैब के पेडस्टल की मरम्मत की गई है। पुल में सीमेंट और कंक्रीट से पेडस्टल बनाए गए हैं। उन्हें सूखने में समय लगेगा। इसलिए भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है। मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर से आने और जाने वाले लोगों को काफी फायदा हुआ। समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
मरम्मत के बाद बैराज पुल से शुक्रवार सुबह 11 बजे हल्के चार पहिया वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया है। बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों को पांच सितंबर से आवाजाही की अनुमति मिलेगी। - आशीष शर्मा, एसडीओ, एनएचएआई
12 घंटा पहले पुलिस पर लगा वसूली का आरोप
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान नेता बोल रहे हैं कि 500 रुपये लेकर पुल पर से उन्होंने बृहस्पतिवार रात गाड़ी निकाली है। पुलिस पर यह वसूली का आरोप पुल खोले जाने से 12 घंटे पहले लगा। इस मामले में एसपी ने जांच बैठा दी है। वहीं, पुलिस का दावा है कि एनएचएआई के अधिकारियों के कहने पर गाड़ी निकलवाई गई थी।