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बरेली का मांझा, जयपुर की पतंग लोगों की पहली पसंद

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बरेली का मांझा, जयपुर की पतंग लोगों की पहली पसंद
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मेरठ। शहर में वसंत पंचमी का काउंट डाउन शुरू होते ही पतंगों का बाजार सज गया है। रंग बिरंगी पतंग युवाओं के साथ बच्चों को खासा आकर्षित कर रहीं हैं। पन्नी की पतंगों पर बच्चों के पसंदीदा कार्टून के फोटो प्रिंट हैं। कुछ पतंगों पर बॉलीवुड अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के चित्र हैं। हालांकि इस बार सबकी पहली पसंद राजस्थान की विशाल पतंग हैं। इन पतंगों का आकार औसत पतंगों के मुकाबले चार गुना अधिक होता हैं। इन पतंगों में पशुओं और पक्षियों की आकृति होती है। राजस्थान और गुजरात के साथ इस तरह की पतंग हाल के वर्षों में मेरठ में भी खासी लोकप्रिय हुई हैं। वहीं बरेली का मांझा भी पतंगबाजों को भा रहा है।
राजस्थान के कारोबारी पहुंचे मेरठ
मकर संक्रांति, लोहड़ी, वसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस पर शहर के व्यापारी देशभर में अस्थाई दुकानें लगाते हैं। हालांकि मेरठ के व्यापारी सूर्य उत्तरायण मकर संक्रांति से सात दिन पूर्व अहमदाबाद के साबरमती और कालूपुर क्षेत्र में दुकानें लगाते हैं। इसी प्रकार राजस्थान के कारोबारी वसंत पंचमी से लगभग दस बारह दिन पूर्व मेरठ में पहुंचकर अपनी दुकानें सजाते हैं। वहीं बरेली के व्यापारी भी वसंत पंचमी पर मेरठ में अस्थाई दुकानें सजाते हैं।
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गोलाकुंआ और खैरनगर में हैं बड़ा बाजार
शहर में खैरनगर और गोलाकुंआ पर पतंगों का सबसे बड़ा बाजार हैं। यहां दोनों बाजारों में लगभग 14 दुकानें स्थाई हैं। हालांकि वसंत पंचमी से दस से बारह दिन पूर्व यहां लगभग 150 दुकानें सज जातीं हैं। मेरठ में सदर में काली मंदिर के पास, कंकरखेड़ा, गंगानगर, शास्त्रीनगर, जागृति विहार में वसंत पंचमी से लगभग 15 दिन पूर्व पतंगों की अस्थाई दुकानें सज गईं हैं।
पशु और पक्षियाें की आकृति की पतंगें
परंपरागत पतंगों की जगह अब युवाओं को राजस्थान की पतंगें जिसमें पशु और पक्षियों की आकृति में बनी होती हैं ज्यादा पसंद की जा रही हैं। इस वर्ष बाज और चील वाली की आकृति वाली पतंगें कुछ खास हैं। इन पतंगों को पक्षियों की आकृति में बनाया गया है।
शहर में 40 करोड़ का कारोबार
शहर में पतंग और मांझे का लगभग चालिस करोड़ का कारोबार होता हैं। अमूमन शहर में लगभग दो लाख लोग वसंत पंचमी से पूर्व पतंगबाजी पर लगभग दो हजार हजार रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में पतंग और मांझे के लगभग 40 करोड़ का कारोबार होता हैं। व्यापारियों में शालू काईट, जुनैद काईट और आसिफ काईट के अनुसार शहर में 26 जनवरी से 29 जनवरी तक पतंगों का सबसे बड़ा कारोबार होगा।
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पतंगों के दामों में हुआ इजाफा
पिछले साल के मुकाबले इस साल पतंगों के दाम में दस प्रतिशत से तीस प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि मांझे का दाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। 400 रुपये सैकड़ा पतंगे अब 550 रुपये सैकड़ा हैं। वहीं, 500 रुपये सैकड़ा पतंग अब 600 रुपये सैकड़ा हैं। इसी क्रम में 550 रुपये सैकड़ा अब 600 रुपये सैकड़ा हो गया है।
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