- पंचायत चुनाव पर संशय, दावत राजनीति पर लगा ब्रेक, गांवों में सन्नाटा
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बनी अनिश्चितता ने दावेदारों की चुनावी रणनीतियों पर ब्रेक लगा दिया है। दिसंबर से फरवरी तक प्रशासनिक स्तर पर तेजी से चली तैयारियों के बाद अब चुनाव समय पर होने की उम्मीद धुंधली पड़ती नजर आ रही है। शुरुआती दौर में जिस गति से तैयारियां आगे बढ़ रही थीं उससे तय माना जा रहा था कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर संपन्न हो जाएंगे, लेकिन धीरे-धीरे पूरी प्रक्रिया फाइलों तक सिमटकर रह गई।
इस अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर उन संभावित दावेदारों पर पड़ा है, जिन्होंने पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही चार महीने पूर्व से ही चुनावी माहौल बनाना शुरू कर दिया था। मतदाताओं को साधने के लिए दावतों, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों पर लाखों रुपये खर्च किए गए। गांव-गांव में भोज और मेल-मिलाप के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज थीं लेकिन अब चुनाव टलने के संकेत मिलते ही ये गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं।
स्थिति यह है कि जो दावेदार पहले रोजाना क्षेत्र में सक्रिय नजर आते थे वह अब पूरी तरह शांत हो गए हैं। राजनीतिक हलचल की जगह गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और दावेदार अब प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जून में चुनाव कराए जाने की संभावना कमजोर पड़ गई है जिससे असमंजस और गहरा गया है। (संवाद)
ग्रामीण राजनीति पर चुनाव की अनिश्चितता का असर
पंचायत चुनाव की अनिश्चितता का असर ग्रामीण राजनीति पर साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां बैठकों, जनसंपर्क और सामाजिक आयोजनों का दौर चल रहा था, वहीं अब ये गतिविधियां अचानक धीमी पड़ गई हैं। मतदाताओं के बीच जो चुनावी माहौल बन रहा था, वह ठंडा पड़ गया है और लोग भी अब इस विषय पर खुलकर चर्चा करने से बच रहे हैं।
प्रभावित हुआ दावेदारों का उत्साह
दावेदारों का कहना है कि खर्च और मेहनत के बावजूद अनिश्चितता ने उनके उत्साह को प्रभावित किया है। कई संभावित प्रत्याशी अब आगे की रणनीति बनाने से पहले स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण जनता भी चुनावी चर्चाओं से दूरी बनाती नजर आ रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ तो इसका असर मतदाताओं की भागीदारी पर भी पड़ सकता है। फिलहाल गांवों में चुनावी सरगर्मी की जगह ठहराव का माहौल बना हुआ है।